रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय हुआ हादसा, ट्रेन की चपेट में आई कार, तीन की मौत!

फुलवारीशरीफ(अजित यादव): पटना-गया रेलखंड के पोठही स्टेशन के धरहरा के पास बड़ा हादसा हो गया है. बताया जा रहा है कि पटना गया रेलवे लाइन पर पटना रांची जनशताब्दी जा रही थी, तभी अवैध रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय एक कार इसकी चपेट में आ गयी. इस हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए हैं. साथ ही कार में सवार पति, पत्नी और बेटी की मौत भी हो गयी है.हादसा आज सुबह का बताया जा रहा है. कार पर सवार होकर पूरा परिवार धरहरा जा रहा था. तभी ट्रेन की चपेट में आने से इनकी मौत हो गयी. तीनों पटना के ही रहने वाले बताये जा रहे हैं.दरअसल, हादसा तब हुआ जब कार पर सवार पति अवैध क्रॉसिंग कर निकल रहा था. उसे अंदाज नहीं मिल पाया. हालांकि आगे के दोनों चक्के रेलवे लाइन पार कर चुके थे, लेकिन पिछला चक्का रेलवे ट्रैक में फंस गया. और इसी बीच पटना- रांची जनशताब्दी ट्रेन आ गयी और कार को कुचलते हुए निकल गयी.हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गयी. तीनों की पहचान सुमित कुमार, नीलिमा देवी के रूप में हुई है. बेटी की भी मौत इसी हादसे में हो गयी. तीनों पटना के ही रहने वाले थे.

घटना के संबंध में बताया जाता है कि बेटा प्रणीत के जिद पर पिता सुमित एवं उनकी पत्नी निलिका अपने ससुराल के लिए पटना राजापुर से धराहरा पहुंचने वाले थे कि गांव से पहले रेलवे क्रॉसिंग के समीप यह बड़ा हादसा हो गया। घटना के समय ग्रामीणों के मुताबिक काफी तेज आवाज हुई। गांव के लोग मौके पर पहुंचे तब तक ट्रेन का चालक इंजन छोड़कर फरार हो चुका था। चालक को लगा कि गांव वाले मुझसे मारपीट करेंगे। इस संबंध में अवैध रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय एक कार पटना-रांची जनशताब्दी की चपेट में आ गयी। इसमें कार सवार युवक, महिला और बच्चा की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा पटना-गया रेलखंड के पोठही स्टेशन के धरहरा गांव के पास अवैध रेलवे क्रासिंग को पार करने के दौरान हुआ है। बताया जा रहा है पटना के रहने वाले दंपत्ति अपनी बेटा के साथ धरहरा अपने ससुराल जा रहे थे। तभी अवैध क्रासिंग को पार करने के दौरान कार का पिछला चक्का ट्रैक में फंस गया। उसी वक्त पटना की तरफ से पटना- रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस आ गई और कार के परखच्चे उड़ गए।इस हादसे में कार सवार तीनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान पटना राजपुर के रहने वाले सुमित कुमार40 वर्ष, उनकी पत्नी निलिका बिहारी 35 वर्ष के रुप में की गई है। इस घटना के बाद घटनास्थल पर कोहराम मच गया। बताया जाता है कि धरारा गांव निवासी बिपिन बिहारी सिंह जो जाने-माने किसान थे उनके भाई सुरेंद्र सिंह की पुत्री निलिका बिहारी अपने मायके आ रही थी।इस घटना के बाद काफी देर तक ट्रेन के इंजन में स्विफ्ट कार फंसी रही दानापुर मंडल से जब रेलवे के कर्मचारी एवं टेक्नीशियन मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के सहयोग से इंजन में फंसी कार को अलग किया और उन में पड़े शवों को बाहर निकाला तब जाकर ट्रेन का परिचालन लगभग साढ़े 3 घंटे बाद प्रारंभ हो सके।