मुकुंदा की बुनकर महिलाओं का बकाया भुगतान, आर्थिक तंगी के कारण काम बंद करने काे हो गई थीं बाध्य

धनबाद(न्यूज़ क्राइम24): स्वावलंबी स्वरोजगार समिति मुकुंदा की बुनकर महिलाओं का बकाया भुगतान गुरुवार को कर दिया गया है। समिति के संयोजक सुनील मोदक ने बताया कि प्रबंधन ने खाते में बकाया रकम स्थानांतरित कर दिया है। समिति का पांच लाख सात हजार रुपया बकाया था। दैनिक जागरण डाट काम में खबर प्रकाशित होते ही प्रबंधन सक्रिय हुआ और रकम का भुगतान किया गया। बता दें कि कोरोना काल में मास्क व केंद्रीय अस्पताल में वस्त्र आपूर्ति किया गया था जिसका भुगतान नहीं किया गया था।

दरअसल, बीसीसीएल ने अपने कारपाेरेट साेशल रिस्पांसिब्लिटी (सीएसआर) के तहत बहुत ही जाेर शाेर से मुकुंदा में कपड़ा बुनने के लिए एक सहकारी समिति का गठन करवाया था। इसके तहत स्वावलंबी स्वराेजगार साेसाइटी नामक सहकारी समिति के तहत 40 महिलाओं को कपड़ा बुनने का प्रशिक्षण दिया गया था। महिलाओं ने बेडशीट, पिलाे कवर, चादर, ताैलिया, डस्टर समेत कई वस्त्राें के निर्माण में दक्षता भी हासिल की थी। केंद्रीय अस्पताल समेत बीसीसीएल के कार्यालयाें के लिए उन्हाेंने इसकी आपूर्ति भी की थी। कंपनी की लचर व्यवस्था के कारण अब उनके लिए भुखमरी की समस्या उत्पन्न हाे गई है

कंपनी ने उनसे काफी मात्रा में सामग्री का निर्माण ताे कराया, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया। परिणाम यह है कि अब महिलाओं के पास कच्ची सामग्री भी खत्म हाे चुकी है और उनके पास पैसा भी नहीं है। साेसायटी के संयाेजक सुनील मोदक ने इस संबंध में बीसीसीएल सीएमडी काे त्राहिमाम संदेश भेजा है। उनसे जल्द रकम का भुगतान करने काे कहा है। माेदक के अनुसार बीसीसीएल पर समिति का 5,07,000 रुपये बकाया है।