मात्र 10 रुपये में मिलेगा तीन LED बल्ब, 15 करोड़ ग्रामीण परिवारों को होगा फायदा!

Desk : सार्वजनिक क्षेत्र की एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड यानि EESL बिजली बिल में बचत के इरादे से जल्दी ही ग्रामीण उजाला योजना शुरू करने जा रही है।इसके तहत ग्रामीण इलाकों के परिवार को 10 रुपए मूल्य में 3 से 4 एलईडी बल्ब वितरित किये जाएंगे।इससे देशभर में तकरीबन 15 करोड़ ग्रामीण परिवार को फायदा होगा।
कंपनी के प्रबंध निदेशक ने जानकारी देते हुए कहा कि बिजली मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उपक्रमों एनटीपीसी,आरईसी,पीएफसी और पावरग्रिड की संयुक्त उद्यम कंपनी EESL की इस योजना में 50 करोड़ एलईडी बल्ब का वितरण किया जाएगा।उन्होंने बताया कि इससे 12,000 मेगावॉट बिजली की बचत का अनुमान है।
इसके अलावा कॉर्बन उत्सर्जन में भी सालाना 5 करोड़ टन की कमी आएगी।उजाला कार्यक्रम के तहत कंपनी अब तक 70 रुपए प्रति एलईडी बल्ब की दर से 36 करोड़ से अधिक का वितरण कर चुकी है,हालांकि इसमें से सिर्फ 20 प्रतिशत बल्ब ही ग्रामीण क्षेत्रों में वितरित हुए हैं,बाकि के 80 प्रतिशत बल्ब शहरी क्षेत्रों में वितरित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जल्दी ही ग्रामीण उजाला कार्यक्रम शुरू होगा।इसकी रूपरेखा पर काम चल रहा है,इसके तहत हर परिवार में 10 रुपए के दाम पर तीन से चार एलईडी बल्ब दिए जाएंगे।यह योजना अगले तीन से छह महीने में देश के सभी गांवों में लागू हो जाएगी।इस कार्यक्रम के लिए केंद्र या राज्य सरकारों से कोई सब्सिडी नहीं ली जाएगी,जो खर्चा आएगा,वह ईईएसएल स्वयं करेगी.

कंपनी के निदेशक ने बताया कि इसके तहत यदि हम प्रति परिवार तीन LED बल्ब देंगे तो उसके बदले तीन पुराने बल्ब लिया जाएगा,उनका संग्रह हम करेंगे,इससे निगरानी होगी कि कितने बल्ब आए और उसमें कितने पुराने हैं।इन बल्ब को फिर नष्ट किया जाएगा।संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी के तहत यह सब होगा,इसके लिये कंपनी को कॉर्बन प्रमाणपत्र मिलता है. उन्होंने बताया कि इन प्रमाणपत्रों की विकसित देशों में मांग है।उन देशों में वह इन प्रमाणपत्रों को बेचेंगे और एलईडी बल्ब की लागत वसूल करेंगे।कंपनी के निदेशक ने बताया कि पूरे देश के गांवों में 50 करोड़ एलईडी बल्ब के वितरण से बिजली उत्सर्जन में 12,000 मेगावॉट की कमी आएगी,इसके अलावा ग्राहकों के बिजली बिल में 25 से 30 हजार करोड़ रुपए की सालाना बचत होगी।