मजदूरों से जबरन कार्य कराया जा रहा..!

धनबाद: सेल के चासनाला कोलियरी डिवीज़न के चासनाला डीपमाइंस खदान में प्रथम पाली ड्यूटी में दो नंबर लेबल की चाल गिरने से इंडियन फैब्रिकेटर एंड मशीनरी ,शालीमार ठेकेदार के 3 मजदूर जिसमे कतरास मोर झरिया निवासी मोहम्मद सागिर ,बनियाहिर निवासी एस के इरशाद, भागा निवासी नसीम खान घायल के साथ अन्य चार मजदूरों जिसमे मुजफ्फर अंसारी, बलविंदर सिंह, मोहम्मद साजिद, सरफराज हुसैन का कहना है कि दो नंबर लेबल के ऊपर चाल एक वर्ष से कमजोर है इस बात की शिकायत बार-बार सेल प्रबंधन से किया जा रहा था लेकिन स्थानीय प्रबंधन सुरक्षा को अनदेखी कर मजदूरों से जबरन कार्य कराया जा रहा था. सभी घायल मज़दूरों को प्राथमिक उपचार हेतु चासनाला सेल अस्पताल ले जाया गया उसके बाद मज़दूर नेता के हंगामा के बाद उन्हें जालान धनबाद रेफेर किया गया. राष्ट्रीय मज़दूर यूनियन के केंद्रीय महासचिव सुदरसन ओझा ने कहा की सुरक्षा की कमी और प्रबंधन की लापरवाही के कारण जो घटना आज घटा है इस घटना के लिए प्रबंधन जिम्मेदार है अगर लेवल का यह हाल है तो सोचा जा सकता है की फेस लोंगवाल ,रेजिंग पॉइंट पर जो ठेका मजदूर कार्य कर रहे हैं उनकी सुरक्षा के लिए प्रबंधन कितना सक्रिय है आज जो घटना घटा है उसे प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है आज सभी गरीब ठेका मजदूर पेट के कारण इस तरह का खतरनाक पोजीशन पर काम करते हैं जिस तरह देश की सेना बॉर्डर पर काम करता है बॉर्डर की सुरक्षा करता है और हम लोग सुरक्षित हैं उसी तरह खनिक मजदूर खदान से कोयला देता है तभी हम लोग सभी देशवासी उजाला में रहते हैं जलावन जलाते हैं बिभिन्न प्रकार के कार्य कोयला से किया जाता आज कोयला मजदूर को देखने वाले कोई भी नहीं है यहां तक कि हमारे धनबाद के माननीय सांसद महोदय पशुपतिनाथ सिंह जी ने कहा कि मजदूर के लिए जो लड़ता है वह सिर्फ आउटसोर्सिंग कंपनी में पार्टनरशिप बनने के लिए उनकी बात पर सच्चाई है वह धनबाद के सांसद हैं मैं उनका बयान का समर्थन करता हूं परंतु दुख भी है जी वह माननीय सांसद होते हुए भी यहां के मजदूर को जान में जोखिम मे करके काम कर रहा है उनकी सुरक्षा के लिए कभी आवाज नहीं उठाएं दर्शाता है कि कहीं ना कहीं वह भी शामिल है इस तमाम कार्यशैली में।वही अस्थाई मज़दूर संघ के चासनाला कोलियरी अध्यक्ष राजकुमार सिंह का कहना हैं कि इससे पूर्व भी कई मज़दूरों के साथ दर्जनों घटना हो चुकी हैं ।सिंडिकेट ठेका मज़दूर यादव दास जो 100 अनफिट हैं उन्हें अभी तक नौकरी नही मिला ।