भारत से नेपाल सीमा के भीतर नशीली दवा के तस्करी में बच्चों का प्रयोग

अररिया(रंजीत ठाकुर): जोगबनी सीमा से सटे
नेपाल पुलिस के द्वारा लगातार नशीली दवा के कारोबारी के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के बाद तस्करो ने नशीली दवा के तस्करी का स्वरूप बदला है इसका खुलासा जोगबनी से नशीली दवा ले जा रहे एक 14 वर्षीय लड़के की गिरफ्तारी से हुआ है ।इससे पहले भी इस गिरोह के द्वारा बच्चों के प्रयोग से जोगबनी से नेपाल नशीली दवाओं का कारोबार करने का खुलासा हुआ है। सोमवार को
धरान के 14 वर्षिय बालक के द्वारा उनके शरीर में में टेप से बांध कर नशीली दवाओं को ले जाने की सूचना पर बखरी पुलिस चौकी के ईन्चार्ज गंगा बहादुर खत्री की टीम ने सीमा से सटे नहर पर त्वरित करवाई करते हुए गिरफ्तार करने की बात मोरंग पुलिस एसपी बिश्व अधिकारी ने कही है।
उक्त बालक के द्वारा जोगबनी में नशीली दावा का सेवन करने के बाद जोगबनी में कर रहे नशीली दवा के कारोबारी ने टेप लगा कर दवा सेट करने के बाद सीमा पार भेजेने की बात गिरफ्तार बच्चे ने कही है। इसके लिये नशीली दवाओं के कारोबारी के द्वारा पंद्रह सौ रुपये देने की बात कही गयी थी.

तीन महिना से नशीली दवाओं के लत में फसे होने की बात उक्त बच्चे ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा है। पुलिस ने इस बच्चे के साथ से 75 सेट नशीली दवा बरामद किया है । जिसमें एभिल 25 सेट, डाइजे 25 सेट व नरफिङ 25 सेट बरामद होने की बात मोरंग एसपी ने जानकारी देते हुए कहा की नशीली दवाओं की डिलिवरी
धरान के वार्ड संख्या 8 के किसी अनुप को देना था लेकिन रास्ते मे ही पकड़ा गया बालक के द्वारा दिये गए बयान पर मोरंग पुलिस के द्वारा अनूप की गिरफ्तारी के लिये छापेमारी कर रही है. वही कक्षा 7 में अध्ययनरत रहे बालक के द्वारा जोगबनी से 3400 में 75 सेट नशीली दवा खरीदने की बात कही है व अन्य दो साथी जोगबनी में ही होने व पीछे से आने की बात कहने पर नेपाल पुलिस के द्वारा उसके दोनों साथी सहित तस्कर गिरोह को तलाश की बात कही है।