भक्ति भाव से मनाया गया चौरचन का त्योहार

अररिय(रंजीत ठाकुर): हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मिथिला का पावन त्योहार चौठचंद्र (चौरचन)भाद्र शुक्ल पक्ष की चतुर्थी अर्थात शनिवार को मनाया गया. सुबह से ही घरों की साफ-सफाई के साथ साथ गाय के गोबर से लीप कर शुद्ध किया जाता है ।घर बनी खीर, पूड़ी ठेकुआ आदि के साथ साथ फल,मिठाई आदि का चंद्रदेव का भोग भी लगाया जाता है।घर की बड़ी बुजुर्ग महिलाओं द्वारा व्रत रखकर शाम को चन्द्रदेव की पूजा की जाती है।घर के सदस्य भी हाथों में फल रखकर चंद्रदेव से सौभाग्य बनाये रखने की प्रार्थना करते हैं।फिर परिवार के पुरुषों द्वारा आंगन में चढ़ाये गए भोग को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। इस दिन लोग अपने परिचितों स्वजनों को अपने घर प्रसाद हेतु बुलाते हैं, परन्तु कोरोनाकाल के इस बार ऐसा संभव नहीं हो सका।