भक्तिभाव से मनाया गया लोक आस्था महापर्व छठ का खरना

अररिया(रंजीत ठाकुर): लोक आस्था के चार दिवसीय महा पर्व छठ के दूसरे दिन व्रती शुद्ध मन से सूर्य देव और छठ मां की पूजा करके गुड़ की खीर का भोग लगाती है। खरना का प्रसाद काफी शुद्ध तरीके से बनाया जाता है।खरना के दिन जो प्रसाद बनता है उसे नए चूल्हे पर बनाया जाता है।व्रती इस खीर का प्रसाद अपने हाथों से ही पकाती है। खरना के दिन व्रती महिलाएं सिर्फ एक ही समय भोजन करती है।मान्यता है कि ऐसा करने से शरीर से लेकर मन तक शुद्ध हो जाता है। भरगामा प्रखंड क्षेत्र के अनेकों छठ घाट पर छठ मनाए जाने वालों में से चर्चित शंकरपुर छठ घाट के व्रती अमला देवी,रुचि सिंह,रचना सिंह,लक्ष्मी सिंह,रानी सिंह,भवानी सिंह,माला देवी,एकता देवी आदि ने पूरे विधि-विधान एवं धर्म निष्ठा से गुरुवार के शाम स्नान कर मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी जलाकर प्रसाद तैयार किया फिर सूर्य भगवान की पूजा करके प्रसाद ग्रहण किया। वहीं इस प्रसाद को ग्रहण करने के बाद लगभग 36 घंटों का निर्जला उपवास शुरू हो गया।