बिहार सरकार सूबे की जनता को सिर्फ कोरी आश्वासन का ओवरडोज दे रही है : आप

पटना(न्यूज़ क्राइम 24): बिहार में नए राशनकार्ड में हुए व्यापक गड़बड़ियों के खिलाफ आम आदमी पार्टी, कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचा। पटना के भिखना पहाड़ी मोड़ पर लॉकडाउन पालन करते हुए एक दूसरे से शारीरिक दूरी बनाते हुए जमकर नारेबाजी किया. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता बबलू कुमार प्रकाश ने बताया कि बिहार सरकार ने नया राशनकार्ड बनाया है। जिसमे भारी गड़बड़ी होने की शिकायत मिली है। बिहार सरकार ने इस कोरोना काल में थोक मात्रा में राशन कार्ड बनाने के आदेश तो दे दिया लेकिन सही ढ़ंग से समीक्षा नहीं किया। जिस कारण नये राशनकार्ड में व्यापक रूप से गड़बड़ियां सामने आई है। पटना, सिवान, वैशाली सहित कई जिलो में गड़बड़ी हुई है।

बबलू ने बताया कि पटना में नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा लोगो के बीच उनके घर पर जाकर राशनकार्ड कार्ड वितरित किया गया। राशनकार्ड में पति- बच्चों का नाम गायब देख गृहणिया आग बबूला हो गई। किसी के कार्ड में सिर्फ पति-पत्नी का नाम है, तो बच्चों का नाम गायब है। किसी के कार्ड में सिर्फ घर के मुखिया का नाम है, बाकी लोगो का नाम नही है। दिलचस्प बात यह है कि  राशनकार्ड में पूरे परिवार का ग्रुप फोटो लगा है। जहाँ परिवार के चार या पांच सदस्य हैं, वहां केबल एक या दो नाम ही कार्ड में अंकित की गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि सरकारी कार्यों में ऐसे गैर जिम्मेदार कार्यप्रणाली और लापरवाही का जिम्मेवार कौन है ?

बिहार सरकार के मुखिया नीतीश कुमार ने राशनकार्ड को बनाने का निर्देश तीन महीने पहले दिए थें। कोरोना महामारी को लेकर हुए लॉकडाउन में आम आवाम हाल बेहाल है। सरकारी नौकरी पेशा वालो को छोड़ दें तो तमाम छोटे- बड़े व्यवसाय, दुकान चलाने वालो की हालत खराब हो चुकी है। बाजार से रौनक गायब है। रोमर्रा का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। निजी कंपनी व प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कामगारों की सैलरी काट ली गई है या उन्हें काम से ही निकाल दिया गया है। ऐसे में बिहार सरकार की ओर से राहत देने वाली घोषणा का अधिकारियों ने पूरी तरह बैंड बजा दिया है.

कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष सुयश ज्योति उर्फ राजा ने कहा कि बिहार सरकार सूबे की जनता को सिर्फ कोरी आश्वासन का ओवरडोज दे रही है। जिसे जनता अब बर्दाश्त नही करेगी। एक तो तीन माह के उपरांत लोगो को राशनकार्ड मिलता है। उनके बाद कार्ड में उनके परिजन और बच्चों का नाम अंकित नही है तो बाकी परिवार वाले कहाँ जाएंगे ? इस सवाल का जबाब कौन देगा। बिहार सरकार के सिस्टम ने गरीब जरूरतमंद जनता के साथ साथ भद्दा मजाक किया है। या जानबूझकर गड़बड़ियां की गई है।कार्ड में नाम की हेराफेरी शहर के मोहल्लों एवं सूबे के अनेकों पंचायतों में हुई है। जो सरकारी कार्यों की व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगती दिख रही है.

पार्टी कार्यकर्ताओं ने बिहार सरकार से मांग किया है कि कार्ड निर्माण से जुड़े एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों पर अविलम्ब कार्यवाही की जाए और त्रुटिपूर्ण राशनकार्ड में सुधार करते हुए जल्द से जल्द निर्गत की जाए।
मौके पर सतीश गुप्ता, रवि बॉक्सर, मिथलेश पासवान, वासुदेव निषाद, जितेंद्र कुमार, अंजनी पोद्दार, शैल देवी सहित दर्जनों कार्यकर्ता ने जमकर नारेबाजी किया।