फुलकाहा लक्ष्मीपुर के टूटे सड़क की फिर लीपापोती शुरू!

अररिया(रंजीत ठाकुर): नरपतगंज प्रखंड अंतर्गत फुलकाहा लक्ष्मीपुर के बीच पिछले 2 दिनों की लगातार बारिश और बाढ़ के कारण लगभग सात आठ फीट कट चुके सड़क की मिट्टी भराई कर लीपापोती शुरू कर दी गई है। बीते बुधवार को प्रमुखता से न्यूज़ क्राइम 24 में खबर छापे जाने पर विभागीय पदाधिकारियों की कुंभकरण की नींद टूटी जरूर है, पर आलस्य बरकरार है। प्रत्येक वर्ष इसी तरह यह सड़क टूटती है और खानापूर्ति के नाम पर मिट्टी भराई कर यातायात सुचारू कर दिया जाता है। इस खेल में प्रत्येक वर्ष लाखों रुपए का बंदरबांट किया जाता है। सभी जानते हैं इस सड़क में दो बड़े आरसीसी पुलों की आवश्यकता है। इसके बावजूद, इस सड़क के बने हुए लगभग 40 वर्षों के बाद भी स्थिति जस की तस है। कोई भी पदाधिकारी या जनप्रतिनिधि इसको लेकर गंभीर नहीं है और न तो उन्हें जन भावनाओं की ही कोई कद्र है। इस संबंध में व्यवसाई सह समाजसेवी राजा रक्षित बताते हैं की हम लोगों को फारबिसगंज से सामान दुलाई इसी सड़क से होती हैं तथा फुलकाहा बाजार सहित पथराहा, मानिकपुर, नवाबगंज आदि पंचायतों के लोगों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट जाता है। हर बार सड़क कट जाती है और विभाग खानापूर्ति कर निश्चिंत हो जाता है। वही जिला परिषद प्रतिनिधि कलानंद विराजी ने इस सड़क को लेकर आपत्ति जताते हुए कहा कि विभागीय लापरवाही का इससे बड़ा नमूना कहीं देखने को नहीं मिलेगा। सभी पदाधिकारी इसी सड़क से आते-जाते हैं पर उनकी नजर इस पर नहीं पड़ती है । इस सड़क में दो बड़े आरसीसी पुल अविलंब होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो आगामी विधानसभा चुनाव में क्षेत्र की जनता जरूर इसका हिसाब लेगी। वही पूर्व पंचायत समिति सदस्य रामवृक्ष पासवान ने कहा कि यदि इस सड़क में आरसीसी पुल नहीं देने की बात होती है तो इस बार क्षेत्र की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में वोट का बहिष्कार करेगी। वही लोजपा जिला उपाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने कहां की विभागीय लापरवाही एवं जनप्रतिनिधियों के चलते इस सड़क का यह हाल है कि प्रत्येक वर्ष लाखों रुपए का बंदरबांट तो किया जाता है लेकिन आरसीसी पुल का निर्माण नहीं किया जाता है जो जांच का विषय है.

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1. राजा रक्षित, व्यवसाय सह समाजसेवी

2. रामवृक्ष पासवान पूर्व पंचायत समिति सदस्य

3. कलानंद विराजी जिला पार्षद प्रतिनिधि

4. अरुण कुमार सिंह लोजपा जिला उपाध्यक्ष

इस संबंध में हम उच्चाधिकारियों को जानकारी देंगे और अभिलंब पुल निर्माण के लिए कहेंगे भी। लगभग 1980 में यह सड़क का निर्माण हुआ और हम लोग इसी सड़क से प्रखंड मुख्यालय जाते आते हैं और आज तक इस सड़क में आरसीसी पुल का निर्माण नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण बात है जबकि फुलकाहा सीमा सड़क से नरपतगंज की दूरी 10 किलोमीटर है और जाने में 1 घंटे का समय लगता है लेकिन किसी जनप्रतिनिधि ने इस सड़क का दूध लेने को तैयार नहीं है जो बड़ी गंभीर विषय है। केवल वोट मांगने के समय बड़े-बड़े वादे कर वोट तो ले लेते हैं उसके वाद सड़क मरम्मती के नाम पर सिर्फ लूट खसोट की जाती है।