फुटबाल दीदी प्रतिमा को मिला अम्बेडर एवार्ड

फुलवारीशरीफ(अजित यादव): फुलवारी शरीफ के परसा बाजार थाना अंतर्गत बोधाचक निवासी गौरव ग्रामीण महिला विकास मंच की सचिव प्रतिमा कुमारी पासवान को महिला दिवस के अवसर पर एचडीएफसी एवं टाइम्स ऑफ इंडिया के द्वारा अम्बेडकर अवार्ड से समानित की गयी है| यह सम्मान बेली रोड रुकनपूरा स्थति विहार दलित विकास के कार्यालय में आयोजित एक समारोह में दिया गया | इसके अलावा प्रतिमा को एफएफईआई यूएसए की ओर से पचास हजार की राशि एवं प्रशस्ति पत्र बतौर महिलाओं और लडकियों के बेहतरी के कार्य में लगातार अभियान चलाने के लिए मिला है | दो सम्मान मिलने की खबर से गौरव ग्रामीण विकास मंच के कार्यकर्ताओं और बोधाचक परसा बाजार में ख़ुशी का माहौल है | फुटबॉल दीदी के नाम से भी जानी जानी जाने वाली प्रतिमा कुमार पासवान का फुलवारी शरीफ के छोटे से इलाके से गरीब परिवार से ताल्लुक है | काफी लम्बे समय से प्रतिमा कुमार पासवान ग्रामीण इलाकों में मंच के जरिये ग्रामीण महिलाओ और लडकियों को दहेज़ रहित विवाह , बाल विवाह , शिक्षा स्वास्थ्य के बेहतरी और सरकारी योजनाओ का लाभ उठाने के लिए जागरूक करने का काम करती चली आ रही है | प्रतिमा गाँव गावं जाकर महिलाओं लडकियों विशेषकर दलित समुदाय को जागरूक करने लिये अभियान चलाती हैं |
सम्मान पाकर हर्षित प्रतिमा कुमारी पासवान ने बताया की उनका यह सफर आसान नही था | यह बताती हैं की बचपन से हीं परिवारिक ज़िमेदारीयो को संभालने की वजह से इनकी स्कुली शिक्षा ठीक से नही हो सकी | माँ मानसिक बीमार थी इस लिए इनकी शादी भी जल्दी करा दी गयी जब कि प्रतिमा को पढ़ने की इच्छा थी | शादी के बाद भी जीवन आसान न रहा शारीरिक ,मानसिक ,और प्रजनन यौनिक स्वास्थ के साथ साथ घरेलू हिंसा से जीवन बेहद नारकीय हो गया था | तीन बच्चों के बाद डॉ के मंजू के इलाज से ठीक हुई तो मानो नया जीवन मिल गया और एक संकल्प ले ली कि मुझे किशोरावस्था को शुरक्षित एवं सशक्त करना है ताकि भावी युवा जीवन प्रभावित न हो |इसके लिए गौरव ग्रामीण महिला विकास मंच संस्था बनाकर काम करना सुरु किया | कई लोगों को अपने मच से जोड़ा और अबतक करीब तीन हजार लड़कियों का बाल विवाह रोककर परिजनों को समझकर उन्हें बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाना , लडकीयों को खेल कूद कार्यक्रम आयोजित कराना और स्वस्थ्य के विषय पर कार्य करती चली आ रही हैं | थ प्रतिमा ने अपनी शिक्षा को भी पढ़ाया और समाजशास्त्र से स्नातक करने के बाद एल एल बी भी की | इनके कार्य और शिक्षा के जुजुन की सराहना करते हुए इन्हें सम्मानित किया गया है |