प्रेमालोक मिशन स्कूल के स्टूडेंट्स ने बनायी स्वदेशी रखी, चाइनीज राखी नही खरीदने की अपील

फूलवारीशरीफ(अजित यादव): प्रेमालोक मिशन स्कूल निदेशक गुरू प्रेम ने बताया स्कूल की सैकड़ों बच्ची एवं बच्चों ने इस बार चीन की राखी नहीं खरीदी एवं उसकी जगह हजार से ज्यादा राखियाँ बना कर अपने नाते-रिश्तेदारों एवं पड़ोसियों को भी राखियाँ बांटी. यह अपने आप में “आत्मनिर्भर भारत का अभूतपूर्व मिसाल है. बच्चो ने चीन निर्मित राखी नही खरीदने की अपील की है. उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व भारत का है किन्तु आज राखी का सबसे बड़ा व्यापारी चीन है ;जो प्रति वर्ष भारत को 40हजार करोड़ का राखी बेच खूब मुनाफा कमाता है और हमारे पैसे से हमारे सेना की हत्या,एवं हमारे माँ भारती की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करता है।रक्षा बंधन की शुरूआत महाभारत काल में हुई जब द्रौपदी ने श्रीकृष्ण को राखी बांधी थी।