प्रशासनिक अनुमति मिलते ही दक्षिणेश्वरी काली मंदिर में शुरू हुआ नवाह संकीर्तन!

अररिया(रंजीत ठाकुर): भरगामा प्रखंड क्षेत्र के जयनगर ब्राह्मण टोला में स्थित श्री श्री 108 दक्षिणेश्वरी काली मंदिर में प्रशासनिक अनुमति मिलते ही मंदिर कमेटी द्वारा 5 नवंबर से रात्रि के 7 बजे से 12 बजे तक नवाह संकीर्तन का कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है।और यह नवाह कार्यक्रम आगामी 13 नवंबर तक चलेगा जिसमें दूरदराज से कलाकार मंगवा कर उनकी कला का प्रस्तुति करवाया जाता रहा है। इसी क्रम में रविवार के रात्रि दरभंगा की डोली मिश्रा ने अपनी जलवा बिखेरने जयनगर पहुंची और प्यारा तथा धमाकेदार हिंदी,मैथिली,भोजपुरी भक्ति भजन माता तेरी चुनरी बा लाल लाल रे आदि भजन सुनाकर दर्शनों का मन मोहित कर लिया|

मिली जानकारी के अनुसार 11 नवंबर के रात्रि मैथिली के सुप्रसिद्ध गायक दिलीप दरभंगिया भी अपने कला की प्रस्तुति दिखाने आ रहे हैं। ग्रामीण कलानंद झा,अनिल झा,विमल झा,अमोदानंद झा,मन्नु झा,मनमोहन झा,उमानंद झा,भालचंद्र झा,मनोहर झा,आलोक वत्स,मुरारी झा,मनभावन झा,आर्य कुमार,गोलू कुमार,सूरज झा,रोशन झा,गोल्डी झा, ऋतिक झा,शुभम झा,गुलशन झा आदि ने बताया कि इस मंदिर का स्थापना वर्ष 1659 में मंदिर के वर्तमान पंडित तारानंद झा के पूर्वज बबुआ झा दक्षिणेश्वरी काली मंदिर कोलकाता से मिट्टी लाकर कोलकाता के पंडित रामकृष्ण परमहंस के द्वारा कच्ची मंदिर का स्थापना किया था।तब से इस मंदिर का पूजा,पाठ,देखभाल,रखरखाव उनके वंशज द्वारा किया जाता रहा है।

बताया जाता है कि इस मंदिर का पक्की पुनर्निर्माण वर्ष 2000 में कराया गया था।और इतना ही नही वर्ष 1659 से ही दीपावली के 9 दिन पहले से नवाह संकीर्तन करवाया जाता रहा है।और यहां दीपावली के रोज हजारों की संख्या में मंदिर के वर्तमान पंडित तारानंद झा के छोटे भाई कलानंद झा द्वारा छागर,पाठी,पाड़ा का बलि प्रदान भी किया जाता है।यहां के ग्रामीणों का मानना है कि इस मंदिर में जो भी भक्त सच्चे मन से अपनी मुरादे लेकर आते हैं।उनकी मुरादें माता पूरी करती है।