प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित करें योग

अररिया(रंजीत ठाकुर): नियमित योग से अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर कोरोना महामारी से बचाव अपना बचाव कर सकते हैं। सूर्यनमस्कार, प्राणायाम और अनूलोम- विलोम के द्वारा हम कोरोना जैसी घातक महामारी से बचाव कर सकते हैं. ये बातें पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार के जिला प्रचारक पिन्टूजी ने लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लोगों को योग प्रशिक्षण के दौरान कही. उन्होंने कहा कि अब कोरोना से जागरूक रहने की जबाबदेही हमसब की है, जैसे सड़कों और बजारो में भीड़ बढ़ना शूरू हो गया है. यह भीड़ हमें डराती है. यह सब तब हो रहा है,जब डब्ल्यू एच ओ ने साफ चैतावनी दी है कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है. जो लोग यह सोच रहे हैं कि कोरोना का खतरा अब टल गया है, वे सतर्क हो जाएं।
घर में रहें, सुरक्षित रहे. अनावश्यक बाहर न निकलें।
कोरोना से डरे नहीं, बल्कि इसके बचाव के साथ अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोगों से नियमित योगाभ्यास करने की अपील की. सूर्य नमस्कार, कपालभांति, अनूलोम- विलोम तथा भ्रामरी आदि आसन व प्राणायाम के साथ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु कुछ आयुर्वेद औषधियों का भी सेवन करें. इसमें गिलोय, तुलसी, अदरक, काली मिर्च, तथा हल्दी काफी गूणकारी साबित हो सकता है।सूबह- शाम काढा का सेवन करें,इसके साथ ही रात में खाना- खाने के पश्चात अश्वगंधा तथा शताबर अदि का नियमित रूप से सेवन करें. योगाचार्य पिंटू ने कहा कि कोरोना का मूल कारण शरीर का कम प्रतिरोधक क्षमता होना है. रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से किसी भी प्रकार का संक्रमण हमें ज्यादा प्रभावित कर सकता है।
इसलिए शाकाहारी व सात्विक भोजन के साथ- साथ उन्हें रोगों से लड़ने के लिए शारिरिक मजबूती आवश्यक है. इस संक्रमण से बचाव के लिए हिम्मत के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना बहुत ही आवश्यक है और इसके लिए नियमित योगाभ्यास बहुत जरूरी है. योग करें, रोज करें और निरोग रहें. इसी सिद्धान्त को अपनाकर हम कोरोना से जंग जीत सकेंगे।