पांच पीएलएफआई के सक्रिय दस्ता सदस्यों को किया गिरफ्तार

सिमडेगा(न्यूज़ क्राइम24): सिमडेगा पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई के खिलाफ नकेल कसने का अभियान शुरू कर दिया है ।इस दिशा में पहल करते हुए दो अलग-अलग जगहों से पांच पीएलएफआई के दस्ता के सदस्य पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया है। एसपी डॉ शम्स तबरेज ने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित करते हुए बताया कि पीएलएफआई दस्ता सक्रिय सदस्य कमलेश लोहरा जो उग्रवादी कांड में आरोपित जिसमें पीएलएफआई के नाम पर रंगदारी शामिल था।जिसे विशेष छापेमारी दल ने बांसजोर ओपी के जलडेगा जंगल से गिरफ्तार किया ।उन्होंने बताया कि उसके पास से एक आईटेल कंपनी का मोबाइल भी बरामद हुई है। कमलेश लोहरा बांसजोर ओपी में दर्ज तीन कांड में शामिल था। वहीं दूसरी ओर पाकरटाड थाना के बागबोथा खेराखापा जंगल से अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में छापेमारी के दौरान उग्रवादी कांड एवं पीएलएफआई के नाम पर रंगदारी की उगाही के संबंध में सक्रिय 4 पीएलएफआई दस्ता सदस्य को गिरफ्तार किया है। जिसमें धर्मेंद्र राम,सन्दीप राम नंदकेस्वर सिंह, घूरन सिंह शामिल है।एसपी ने बताया कि उनके पास से दो देशी लोडेड पिस्तौल 315 बोर जिंदा कारतूस ,छः 12 बोर जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है । गिरफ्तार अभियुक्तों में दो छत्तीसगढ़ से तथा दो गुमला के सुरसँग थाना क्षेत्र के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि इन का अपराधिक इतिहास में इनके विरुद्ध पाकरटाड थाना में दो अलग-अलग कांड संख्या दर्ज हैं। जलडेगा में गिरफ्तार आरोपी की छापेमारी में मुख्य रूप से थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह जलडेगा थाना प्रभारी सुजीत मिंज,पीएसआई अरुनिस रोशन,ज्ञानदीप कुमार, एवं जलडेगा बांसजोर के सैट बल शामिल थे।वही पाकरटाड थाना क्षेत्र में गिरफ्तार पीएलएफआई सदस्यों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी हीरालाल महतो, पीएसआई मुन्ना रामानी, थाना के सैट बल एवं सशस्त्र बल शामिल थे।

अभियान में शामिल पुलिसकर्मियों को किया जाएगा पुरस्कृत

प्रेस कांफ्रेंस के बाद एसपी डॉ शम्स तब्रेज ने बताया कि प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई के सदस्यों की गिरफ्तारी में शामिल सभी पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मियों को पुलिस अधीक्षक के स्तर से अलग से पुरस्कृत किया जाएगा ।उन्होंने कहा कि सिमडेगा पुलिस लगातार अभियान चलाकर इन्हें पकड़ने का काम कर रही है साथ ही उन्होंने सभी जंगलों में छुपे हुए लोगों से आवाहन करते हुए कहा है कि पुलिस के शरण में आए पुलिस उनके साथ इंसाफ करेगी अन्यथा मारे जाएंगे।