पहली बार बिहार में दो-दो डिप्प्टी सीएम, नही मिली मुस्लिम चेहरे को नीतीश मंत्री मंडल में जगह!

पटना(अजीत यादव): जनता दल युनाइटेड के अध्यक्ष नीतीश कुमार के ऐतिहासिक सातवीं बार बिहार के मुख्मंत्री की कुर्सी मिल गयी हालांकि इस बार नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में एक औऱ इतिहास बिहार ने रचा है जिसमे पहली बार राज्य के दो दो उप मुख्यमंत्री बनाये गए । इसके अलावा इस बार एक भी मुस्लिम चेहरे को नीतीश कुमार के मंत्री मंडल में जगह नही देकर बीजेपी ने अपनी धमक का अहसास करा दिया । वहीं बिहार के राज्यपाल फागू चौहान ने नीतीश कुमार को सातवी बार सीएम के लिऐ चूने जाने पर पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई है . बता दें कि इस बार नीतीश कुमार के हमदर्द बीजेपी के सीनियर लीडर सुशील मोदी को उप मुख्यमंत्री नही बनाया गया और उनके बदले में कटिहार सदर से लगातार विधायक रहे तार किशोर
और बेतिया से जीती रेणु देवी को उप मुख्यमंत्री बनाया गया है । तार किशोर कटिहार सदर से चौथी बार विधानसभा पहुंचे है वहीं बिहार की बेतिया से बीजेपी के टिकट पर विधानसभा पहुंची रेणु देवी ने भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की है. वो साल 2000 से लेकर 2020 तक लगातार विधायक रहीं । इस तरह पहला मौका है जब बिहार विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में दो डिप्टी सीएम बनाए गए हों. आपको बता दें कि, शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद हैं. बिहार में हाल में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन को 125 सीटें मिलीं, जिनमें से नीतीश कुमार की जेडीयू को 43 सीटें मिलीं और बीजेपी को जदयू से 31 सीटें अधिक (74 सीटें) हासिल हुईं.

रेणु देवी- का जन्म 1 नवंबर 1959 को हुआ था वो बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गईं. भारतीय जनता पार्टी की विधायक हैं रेणु देवी. वह बिहार सरकार में मंत्री रह चुकी हैं. उसके बाद उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया था. इस बार बेतिया विधानसभा से रेणु देवी बीजेपी की विधायक चुनी गई हैं. बीजेपी नेता रेणु देवी ने बिहार के डिप्टी सीएम पद की शपथ ली.

तारकिशोर प्रसाद-बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं. कटिहार जिले से आने वाले तारकिशोर प्रसाद की पार्टी में अच्छी पकड़ है. 64 साल के तारकिशोर प्रसाद को बीजेपी ने कटिहार सीट से अपना उम्मीदवार बनाया था. 12वीं पास तारकिशोर प्रसाद ने आरजेडी के डॉ राम प्रकाश महतो को हराकर कटिहार सीट से लगातार चौथी बार चुनाव में जीत दर्ज की है. 2015 में लालू और नीतीश की मजबूत जोड़ी के बावजूद भी तार किशोर प्रसाद चुनाव जीतने में सफल हुए थे. इन्होंने पिछली बार जेडीयू के उम्मीदवार को हराया था.

विजेंद्र यादव-जेडीयू नेता विजेन्द्र यादव ने भी मंच पर पहुंचकर पद और गोपनीयता की शपथ ली है आपको बता दें कि बिहार के उर्जा मंत्री रह चुके विजेन्द्र यादव सीएम नीतीश कुमार के बेहद करीबी नेताओं में से एक माने जाते हैं वो सुपौल विधानसभा सीट से लगातार 7वीं बार विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे हैं आपको बता दें कि वो कोसी क्षेत्र के ‘विश्वकर्मा’ के नाम से मशहूर हैं.

विजय कुमार-जेडीयू नेता विजय कुमार चौधरी शपथ ग्रहण करने के लिए पहुंचे आपको बता दें कि वो जेडीयू कोर टीम के सदस्य हैं और नीतीश कुमार के सबसे करीबियों में से एक माने जाते हैं पिछले 5 सालों से वो विधानसभा अध्यक्ष रहे हैं. विजय कुमार कटिहार से जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं.

अशोक चौधरी-कांग्रेस का दामन छोड़कर साल 2018 में नीतीश की पार्टी जेडीयू में शामिल होने वाले नेता अशोक चौधरी ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली है. अशोक चौधरी पहले भी बिहार कैबिनेट के सदस्य रह चुके हैं वो नीतीश सरकार में बिहार के शिक्षामंत्री रह चुके हैं. इसके अलावा अशोक चौधरी जनता दल युनाइटेड के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं. नीतीश कुमार के बाद पार्टी में सबसे दमदार पकड़ रखते हैं.

मेवा लाल चौधरी-इस लिस्ट में शामिल है जो कि तारापुर विधानसभा सीट से दूसरी बार विधानसभा पहुंच हैं आपको बता दें कि साल 2010 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा था जिसके बाद उन्हें पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ा. साल 2015 में जीतकर वह पहली बार विधानसभा पहुंचे. आपको बता दें कि इसके पहले वो भारत सरकार में हॉर्टिकल्चर कमिश्नर रह चुके हैं. वह बिहार के कृषि रोड मैप तैयार करने वाले दल के सदस्य भी रहे हैं. आपको बता दें कि मेवालाल चौधरी मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा सीट से जेडीयू के टिकट पर विधानसभा पहुंचे हैं. इन्होंने अपने निकटम प्रतिद्वंदी RJD के दिव्या प्रकाश को करारी शिकस्त दी है.

संतोष सुमन-एनडीए में शामिल एक और दल हिन्दुस्तान अवाम मोर्चा के विधायक संतोष सुमन पद और गोपनीयता की शपथ लेने के लिए पहुंचे हैं नीतीश कैबिनेट में इस बार हम कोटे को एक ही मंत्रिपद दिया गया है. पहले लोगों को उम्मीद थी पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी को मंत्रिपद दिया जाएगा लेकिन उनके बेटे संतोष सुमन को नीतीश कैबिनेट के लिए मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है. आपको बता दें कि बिहार विधानमंडल में एमएलसी हैं संतोष सुमन.

शीला मंडल-जनता दल युनाइटेड से मधुबनी के फुलपरास विधानसभा से जीतकर बिहार विधानसभा पहुंचने वाली शीला मंडल को भी पद और गोपनीयता की शपथ के लिए बुलाया गया है उन्होंने भी मंत्रिपद की शपथ ली. आपको बता दें कि शीला मंडल ने कांग्रेस के कृपानाथ का हराकर ये सीट जीती है. शीला मंडल नीतीश कैबिनेट में इस बार नया चेहरा हैं.

मुकेश साहनी-विकासशील इंसान पार्टी के मुकेश साहनी भी पद और गोपनीयता की शपथ के लिए मंच पर पहुंचे हैं आपको बता दें कि वीआईपी से भी एक ही मंत्री को नीतीश कैबिनेट में जगह दी जाएगी. वीआईपी के अध्यक्ष मुकेश सहनी को बिहार में सन ऑफ मल्लाह के नाम से भी जाना जाता है. आपको बता दें कि मुकेश साहनी मुंबई फिल्म सिटी में फिल्म का सेट बनाने का काम करते थे वो साल 2013 से राजनीति में आए.

भाजपा के पांच नेताओ ने ली शपथ-


मंगल पांडे-बीजेपी के मंगल पांडे को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई. आपको बता दें कि मंगल पांडेय बिहार बीजेपी के भरोसेमंद चेहरों में से एक रहे हैं वो बिहार बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. इसके अलावा बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष भी थे जिनकी देख रेख में बीजेपी की चुनावी रणनीतियां तय की जा रही थीं. आपको बता दें कि मंगल पांडेय नीतीश कैबिनेट में स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं.

अमरेंद्र प्रताप सिंह-को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई. अमरेंद्र प्रताप सिंह आरा से चौथी बार बीजेपी के टिकट पर जीत कर विधानसभा पहुंचे हैं

मसूरत राय -ने बिहार के मंत्री की पद और गोपनीयता की शपथ ली. आपको बता दें कि रामसूरत राय मुजफ्फर पुर की औराई सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं.

रामप्रीत पासवान-मधुबनी से विधानसभा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे बीजेपी नेता रामप्रीत पासवान ने मंत्री पद की शपथ ली. वो मधुबनी की राजनगर सीट जीते

जीवेश मिश्रा-बीजेपी नेता जीवेश मिश्रा ने भी मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली आपको बता दें कि जीवेश मिश्रा दरभंगा के जाले से जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं और मिथिलांचल में वो बीजेपी का बड़ा भूमिहार चेहरा है.