नौकरी के नाम पर लैटर जारी किए, इंटरव्यू भी लिए, जब मांगे यूनिफॉर्म के पैसे, तो इस तरह धरे गए शातिर अपराधी

नई दिल्ली(न्यूज़ क्राइम 24): कोरोना काल में लाखों नौकरियों पर संकट आया है। ऐसे में यदि किसी के पास नौकरी के लिए कॉल आए तो इससे बड़ी बात क्या होगी। लेकिन अब संभलने की भी जरूरत है, क्योंकि नौकरी के नाम पर कई गोरखधंधे भी चलाए जा रहे हैं. इसी तरह के एक गोरखधंधे का खुलासा दिल्ली पुलिस की ओर से किया गया है। दिल्ली पुलिस ने एयर इंडिया के नाम पर एक फर्जी जॉब रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने सैकड़ों लोगों से पूरे देश में लाखों रुपये की ठगी की है। मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को पकड़ा गया है। यह गिरोह कोरोना महामारी के दौरान नौकरी गंवाने वाले लोगों को लालच देता था और राष्ट्रीय विमानन कंपनी में नौकरी दिलवाने के नाम पर पैसा जमा करने के लिए कहता था। यहां तक कि लोगों का विश्वास जीतने के लिए लेटर जारी किए गए और साक्षात्कार भी लिया गया.

ऐसे खुला मामला-


दरअसल, इस गिरोह ने नौकरी के नाम पर एक महिला को झांसा देने की साजिश रची। एक महिला ने पालम विलेज पुलिस स्टेशन में शिकायत कराई थी कि उनसे 71,000 रुपये की ठगी की गई है। उसने पुलिस को बताया कि वह 2017 से जोमेटो के साथ काम करती थी लेकिन महामारी में उसकी जॉब चली गई। वह नौकरी तलाश रही थी और उसे एयर इंडिया के नाम से नौकरी का ऑफर मिला.

ऑफर मिलने के बाद उसे खुशी हुई, जिसके बाद उसने अपना रिज्यूम शेयर किया। गिरोह के लोगों ने उसे 1875 रुपये जमा कराने को कहा। उसके बाद उसे ऑफर लेटर दिया गया। इस दौरान लगातार उससे पैसे मांगे जाते रहे। इसके बाद गिरोह ने उससे यूनिफार्म के लिए पैसे मांगे गए। इस पर महिला को शक हो गया.

छानबीन के बाद, साइबर विभाग ने गाजियाबाद के रहने वाले एक शख्स शदाब मलिक को गिरफ्तार किया। इसे पहले भी उत्तराखंड पुलिस द्वारा इसी तरह के काम के लिए गिरफ्तार किया गया था। मलिक नोएडा के सेक्टर 12 में एक कॉल सेंटर चलाता है। उसके साथ उसके सहयोगी कुमुद रंजन कमलेश और प्रियंका गोस्वामी को गिरफ्तार किया गया है। अभी तक आरोपियों के 12 फर्जी बैंक खातों की पहचान की गई है। यह गिरोह बीते 5 महीने से साथ काम कर रहा था। इन फर्जी खातों में करीब 60 लाख रुपये की राशि डाली गई थी।