नौकरी का झांसा देकर अधिवक्ता ने नाबालिग छात्रा के साथ किया दुष्कर्म!

जमुई(मो० अंजुम आलम): इंसाफ दिलाने वाले ही अब घिनौना कुकर्म करने लगे हैं। सफेद चेहरे की आड़ में वहशी भेड़िए बने घूम रहे हैं। ऐसे ही एक सफेद चेहरे की काली करतूत रविवार को जमुई में सामने आई है। जहां सिकंदरा थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग छात्रा को जमुई व्यवहार न्यायालय में कार्यरत अधिवक्ता बोधवन तालाब इलाके के निवासी अंजनी उर्फ अनिल यादव ने हवस का शिकार बनाया और नौकरी दिलाने के नाम पर नाबालिक छात्रा के साथ एक वर्ष से हैवानियत का खेल खेलता रहा। डरी-सहमी छात्रा घटना की जानकारी स्वजन को देने से डरती रही और ब्लैकमेल कर लगातार दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देता रहा। घटना की जानकारी उस वक़्त स्वजन को हुई जब नाबालिक 14 अक्टूबर को गायब हो गई और ढूंढने के बाद भी नहीं मिली। उसके बाद अधिवक्ता द्वारा ही सोमवार की रात तकरीबन 10 बजे स्वजन को फोन कर नाबालिग के मिलने की सूचना दी गई। फिर स्वजन द्वारा अधिवक्ता के घर से छात्रा को लाया गया। पूछ-ताछ के दौरान नाबालिग छात्रा ने अधिवक्ता का काला चिट्ठा स्वजन को बताया फिर एससी/एसटी थाना में अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया.

बाइक से शेखपुरा ले जाकर करता था दुष्कर्म-

नाबालिक छात्रा ने बताया कि उसे भागलपुर में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के पद पर इंटरव्यू होने की बात कहकर उसे शेखपुरा ले जाकर दो दिन तक एक कमरे में रखकर दुष्कर्म करता था और किसी को बताने के एवज में जान मारने की धमकी देता था.

नौकरी के लिए लिया था 50 हज़ार-

स्वजन ने बताया कि एक वर्ष पूर्व कोर्ट में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर स्वजन से 50 हज़ार रुपया लिया था। जब काफी दिन हो गई तो 40 हज़ार रुपया लौटा दिया गया। उसके बाद तीन महीना पहले अचानक इंटरव्यू होने की बात कहकर छात्रा को अपने साथ ले गया था.

छात्रा द्वारा आवेदन देने के बाद मुकदमा दर्ज कर मेडिकल जांच भी कराया गया है। पीड़िता के बताए जगहों पर भी तालाशी ली गई लेकिन अधिवक्ता के घर में ताला लगा हुआ पाया गया।मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। दोषी को गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल अधिवक्ता फरार है।