नेपाली नागरिकों को नेपाली सशस्त्र पुलिस ने किया गिरफ्तार!

अररिया(रंजीत ठाकुर): आगामी दशहरा, दीपावली एवं छठ पूजा के नजदीक आते ही पड़ोसी देश नेपाल से चोरी छुपे कपड़े सहित रोजमर्रा की वस्तुओं की खरीदारी करने चोरी छुपे भारतीय बाजारों में प्रवेश करते हैं और फिर किसी तरह बचकर नेपाल पहुंच जाते हैं । कोरोना संक्रमण को लेकर दोनों देशों के बीच सीमा सील है और आवाजाही बंद है । वही सीमा से सटे नेपाली नागरिक सदियों से भारतीय क्षेत्र में खरीदारी करते रहे हैं। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में नागरिक सीमा सील के वजह से चोरी छुपे जोगबनी बाजार पहुंचकर घरेलू सामानों की खरीदारी कर वापस नेपाल चले जाते हैं. रविवार की देर संध्या जोगबनी से नेपाल लौटे करीब 44 लोगो को नेपाल सशस्त्र पुलिस ने भारत नेपाल सीमा से सटे बीओपी रानी, इस्लामपुर के समीप उन्हें हिरासत में लिया. बताया जाता है कि उसमें 20 पुरुष एवम 24 महिला शामिल है.

मिली जानकारी के अनुसार कोबिड 19 के महामारी को लेकर भारत-नेपाल सीमावर्ती शहर जोगबनी का बॉर्डर सील कर दिया गया है. दोनों देशों के आमलोगों की आवाजाही बंद है. आगामी दुर्गापूजा, दीपावली तथा छठ पूजा के मद्देनजर नेपाल से जोगबनी बाजार में राशन, लेडीज कपड़ा, बच्चो का टी शर्ट,जूता चप्पल, सब्जी, मशाले बर्तन इत्यादि समानों की खरीदारी के कारण नेपाल से लोग पुलिस से नजर बचाकर खरीदारी करने आते है. वहीं इस संबंध में नेपाल पुलिस ने बताया कि कोरोना का संक्रमण दोनों देशों में न फैले इस कारण दोनो देशों की सहमति से भारत-नेपाल जोगबनी सीमा सील कर दिया गया है ।नेपाली नागरिकों के चोरी-छुपे जोगबनी आवाजाही से कोरोना संक्रमण का खतरा बना रहता है।
नेपाल पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों को कोरेन्टीन में रखा गया है। बाद में सभी को कोरोना जांच के बाद छोड़ दिया जायेगा. बीओपी रानी थाना पुलिस के उपनिरीक्षक मान बहादुर राई ने बताया कि इससे पूर्व भी जोगबनी से खरीदारी कर लौट रहे 30 व्यक्ति को हिरासत में ले कर क्वरिन्टीन में रखा गया था. इससे नेपाली नागरिकों में दहशत का माहौल है।