नवादा में करोड़ों के गबन की जांच करने पहुंची CBI की टीम!

नवादा(अवध पार्टी): जिले में डाकघर में 5.57 करोड़ रूपये गबन मामले की जांच करने पटना से दो सदस्यीय सीबीआइ की टीम नवादा पहुंची। साथ ही प्रधान डाकघर नवादा के अधिकारियों से मिलकर गबन मामले से संबंधित जानकारी ली। सीबीआइ के अधिकारी करीब चार घंटे तक डाकघर में मामले की जांच करने में जुटे रहे। जांच के दौरान डाकघर से गबन मामले से संबंधित पंजी व फाईल समेत अन्य दस्तावेज को निकलवाकर देखा गया। इसके बाद सीबीआइ के अधिकारी गबन मामले से संबंधित सभी दस्तावेज अपने साथ लेकर चले गए। सीबीआई टीम गंभीरता से जांच कर रही है कई सफेदपोश भी इस मामले में आ सकते हैं देखना यह भी है कि इस मामले में अब कितने लोगों का नाम सामने आता है सीबीआई ने दस्तावेज अपने साथ ले गए हैं. बता दें कि जनवरी 2019 में प्रधान डाकघर में गबन मामले का खुलासा हुआ था। विभागीय निर्देश पर जांच टीम का गठन किया गया था। पूरे मामले की जांच के लिए तत्कालीन सहायक डाक अधीक्षक नवीन कुमार के नेतृत्व में टीम को सौंपी गई थी। जांच टीम द्वारा गबन का आरोप सही व सत्य पाया गया था। मामला सही पाये जाने के बाद तत्कालीन डाक अधीक्षक विनोद कुमार पंडित द्वारा मई 2019 के पहले सप्ताह में तत्कालीन खंजाची अंबिका चौधरी व डाकपाल कपिलदेव प्रसाद को निलंबित कर दिया गया था. सहायक डाक अधीक्षक नवीन कुमार द्वारा तत्कालीन खजांची व डाकपाल के विरुद्ध 9 मई 2019 को नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामला दर्ज होने के बाद दोनों कई माह तक फरार रहे। लेकिन पुलिस प्रशासन के दबाव के बाद खजांची अंबिका चौधरी 5 नवंबर 2019 को नवादा कोर्ट में सरेंडर किए थे। साथ ही हिसुआ पुलिस ने डाकपाल कपिलदेव प्रसाद को उनके आवास से 9 नवंबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मंडलकारा में बंद रहने के दौरान खजांची की तबीयत बिगड़ गई थी। करीब आठ माह पूर्व इलाज के क्रम पटना में उनकी मौत हो चुकी है। वहीं तत्कालीन डाकपाल बेल पर हैं. मामला दर्ज होने के बाद डाकपाल व खजांची को हेराफेरी की राशि को रिकवरी करने का निर्देश दिया गया था। विभागीय अधिकारियों द्वारा शुरूआत में राशि जमा करने का हमेशा दबाव बनाया जा रहा था। इसके बाद जुलाई 2019 में खजांची द्वारा 2.50 करोड़ रूपये जमा किया गया था। लेकिन बाकी बचे राशि अबतक जमा नहीं किया गया है।डाक अधीक्षक नवादा शिवशंकर मंडल ने बताया कि डाकघर गबन मामले की जांच की जिम्मेवारी सीबीआइ को सौंपी गई है। मामले की जांच करने सीबीआइ की दो सदस्यीय टीम नवादा डाकघर पहुंची। सीबीआइ के अधिकारी ने गबन मामले से संबंधित जानकारी ली। करीब चार घंटे तक अधिकारियों द्वारा मामले से संबंधित दस्तावेज को निकालकर देखा गया। और सभी दस्तावेज को अपने साथ लेकर गए हैं।