नवजात की मौत के बाद सदर अस्पताल में धरना पर बैठे स्वजन!

जमुई(मो० अंजुम आलम): नवजात की मौत के बाद आक्रोशित स्वजनों ने सदर अस्पताल के मुख्य गेट पर सोमवार की शाम धरना पर बैठ गए। परिजनों के धरना पर बैठने के कारण अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना उठाना पड़ रहा है। धरना पर बैठे समाजसेवी धर्मराज राय, नवजात की दादी रमनी देवी और फूआ रेखा देवी आदि ने महिला चिकित्सक डा. श्वेता सिंह पर हत्या का केश दर्ज करने और मामले की उचित कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया कि नवजात शिशु देखभाल केंद्र में तैनात कर्मियों ने जांच के नाम पर उनसे पैसा वसूल किया गया है। जब बच्चे की मौत हो गई तो जबरन एक कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा था। वहीं समाजसेवी ने बताया कि सदर अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक डा. श्वेता सिंह और नवजात शिशु देखभाल केंद्र के चिकित्सक अक्सर अपनी डयूटी से गायब रहती है। जिस कारण लोगों को परेशानीयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने दोषी चिकित्सक और कर्मियों पर कार्रवाई की मांग किया है।
वहीं समाचार लिखे जाने तक परिजन धरना पर बैठे थे-

धरना पर बैठे लोगों ने बताया कि वे लोग बरहट थाना अंतर्गत नूमर पंचायत के भूमिदान गांव के रहने वाले है। रविवार को सोखनी देवी को प्रसव के लिए मलयपुर अस्पताल लाया गया था। जहां बच्चा पेट में फंसा होने की बात कहकर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया था। फिर सदर अस्पताल में कर्मियों ने जांच कर बताया कि महिला का ऑपरेशन होगा लेकिन उस वक़्त महिला चिकित्सक स्वेता सिंह ड्यूटी पर नहीं थी। फिर समाजसेवी धर्मराज राय ने इसकी सूचना सिविल सर्जन और सदर अस्पताल उपाधीक्षक को दिया। तब कई घंटे के बाद महिला चिकित्सक अस्तपाल पहुंची और महिला का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के उपरांत बच्चा एसएनसीयू में भर्ती कराने के लिए कहा गया तब वे लोग नवजात को वहां भर्ती कराया।

उसके बाद सोमवार की देर शाम एसएनसीयू के कर्मियों ने कहा कि उनके बच्चे की मौत हो गई है-

घटना की जानकारी मिली है। मरीज काफी गंभीर स्थिति में सदर अस्पताल पहुंची थी। ऑपरेशन होने के बाद बच्चा का स्थिति भी गंभीर बना हुआ था। चिकित्सक द्वारा काफी प्रयास किया गया था लेकिन दुख की बात है कि बच्चे की मौत हो गई। बहरहाल परिजनों के समझाया बुझाया जा रहा है।