धर्म कल भी था, आज भी है और कल भी रहेगा..!

जमुई(मो० अंजुम आलम): छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष सह भाकपा नेता कन्हैया कुमार जन- गण- मन यात्रा के दौरान जमुई स्टेडियम में पहुंचे।जहां कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर कन्हैया को सुनने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कन्हैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह पर जमकर प्रहार किया। प्रधानमंत्री को डिवाइडर इन चीफ बताते हुए कहा कि धर्म का पाखंड फैला देश को बांटने की साजिश की जा रही है। अपनी नाकामी को छुपाने के लिए सरकार सीएए, एनआरसी और एनपीआर का सहारा ले रही है.

3 करोड़ की चली गई नौकरियां-

देश में बीते पांच साल के दौरान सवा तीन करोड़ की नौकरियां चली गई। देश के युवा बी- टेक करके बेरोजगार घूम रहे हैं। देश की अर्थव्यवस्था दिन-प्रतिदिन गिरती जा रही है। सरकार चलाने के लिए रिजर्व बैंक से 45 हजार करोड़ रुपये कर्ज लेने की नौबत आ गई, लेकिन सरकार देश को गुमराह करने में लगी है। कन्हैया ने कहा कि एनआरसी, एनपीआर व सीएए का मुद्दा बुनियादी सवालों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए लाया गया है.

संविधान बचाने के लिए चलें गांधी मैदान-

उन्होंने नौजवानों को ललकारते हुए प्रतियोगिता परीक्षाओं में प्रश्न-पत्र लीक होने से लेकर समान काम-समान वेतन तथा निगम की हड़ताल सहित अन्य मुद्दों पर संघर्ष के लिए गांधी मैदान पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने संवैधानिक अधिकार को बचाने की अपील करते हुए कहा कि देश में महत्वपूर्ण संस्थानों को बेचा जा रहा है। ठेके पर जवानों की बहाली की तैयारी है। सरकार मस्ती में है और सरकारी नौकरी करने वाला वेतन के लिए परेशान है.

देश को दुबारा बंटवारा करने की रची जा रही साजिश-

कन्हैया ने केंद्र सरकार की अंग्रेजों से तुलना करते हुए कहा कि एक बार अंग्रेजों ने फूट डालो की राजनीति कर धर्म के आधार पर देश का बंटवारा 1947 में कराया अब एक बार फिर सावरकर और जिन्ना की भाषा दुहरायी जा रही है। संविधान बचाओ रैली की अध्यक्षता भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी के जिला सचिव नवल किशोर सिंह ने की। इस मौके पर कांग्रेस नेता विधायक शकील खान एवं विधायक सुधीर कुमार उर्फ बंटी चौधरी, रूपेश सिंह, सुन्नी उलेमा बोर्ड के सचिव ज्याउर रसूल गफ्फरी, आइसा के प्रदेश उपाध्यक्ष बाबू साहब, नीला मुखिया ने भी सभा को संबोधित करते हुए सरकार पर तंज कसा.

जिस देश में दानवीर कर्ण जैसा दानी पैदल हुआ हो उस देश में CAA लाने की क्या जरूरत

कन्हैया कुमार ने कहा कि सीएए, एनआरसी और एनपीआर लाकर सरकार बुनियादी मुद्दों से लोगों को भटका रही है। रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, रोजगार के सवालों पर चुप्पी साधे हुए है। जिस देश में दानवीर कर्ण जैसा दानी पैदा हुआ हो उस देश में सीएए लाने की क्या आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब देश का कानून और संविधान ही दूसरे देश से आकर रहने वाले लोगों को इजाज़त दे रही है तो फिर इसमें सीएए लाने की क्या मतलब है। अगर किसी के घर में कोई अनजान भूखा व्यक्ति दरवाजे पर आ जाए तो क्या उसे लोग खाना नहीं देते हैं। यहां तो शुरू से परंपरा चली आ रही है अतिथि देवो भव:

एक गीदड़ की वजह से पूरे बस्ती में आग नहीं लगाई जाती-

उन्होंने एनआरसी को लेकर भी केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अगर कोई गीदड़ गांव में घुस जाए तो क्या पूरे बस्ती को आग लगा दिया जाएगा। या गीदड़ को ढूंढ कर निकाला जाएगा। अपने आपको जेम्स बोंड समझने वाले अजीत डोबाल क्यों नहीं देश में घुसे घुसपैठियों को निकाल लेता है। जब कोई घुसपैठ देश में आया है तो कुछ घुसपैठ के लिए पूरे देशवासियों को ही आपस में लड़ाया जा रहा है.

आढ़ा में अनिश्चितकालीन धरना में पहुंचे कन्हैया-

सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में अलीगंज के आढ़ा गांव में अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे लोगों के बीच जन- गण- मन यात्रा के दौरान कन्हैया पहुंचे। जहां उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के किसी भी लोगों में इतनी हिम्मत नहीं है जो हलोगों कि नागरिकता छीन सके। यह कोई खिलौना नहीं कि जिसे जब चाहे तोड़ कर फेंक दे। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ लोगों को उलझाकर रखना चाह रही है। कुछ तो होगा नहीं लेकिन चर्चाएं बरकरार रहनी चाहिए.

कन्हैया के आगमन पर सुरक्षा के थे पुख्ता इंतेज़ाम-

कन्हैया के आगमन को लेकर श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस जवानों को लगाया गया था। मौके पर एसडीओ लखींद्र पासवान, डीएसपी लालबाबू यादव के अलावा कई थानाध्यक्ष घूम- घूम कर मुआयना कर रहे थे। स्टेडियम के मुख्य द्वार से लेकर मैदान तक पुलिस जवानों की कतार लगी रही। स्टेडियम के चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।