धरना पर बैठे अभ्यर्थियों ने पदाधिकारी पर दबाव बनाने का लगाया आरोप!

जमुई(मो० अंजुम आलम): फाइनल मेघा सूची में नाम आने के बावजूद दो वर्षों से कार्यपालक सहायक के अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं मिलने से नाराज अभ्यर्थियों ने दूसरे दिन भी मंगलवार को समाहरणालय के समक्ष धरना पर डटे रहे। इस दौरान अभ्यर्थियों पर पदाधिकारियों द्वारा धरना समाप्त करने का दबाव भी बनाया जा रहा है। अभ्यार्थियों ने बताया कि एसडीओ प्रतिभा रानी द्वारा कुछ अभ्यार्थियों को जिलाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार के समक्ष बात करने के लिए ले जाया गया। जहां जिलाधिकारी द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया साथ ही एफआईआर करने की भी चेतावनी देते हुए धरना समाप्त करने की भी बात कही गई। हालांकि इस संबंध में जिलाधिकारी से फोन पर बात करने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं हो पाई है। बता दें कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन के तहत वर्ष 2018 में कार्यपालक सहायक की बहाली जमुई जिला में किया गया था। जिसमे लिखित परीक्षा, टाइपिंग टेस्ट पास करने के बाद आवश्यक दस्तावेज का सत्यापन भी कराया गया था और फाइनल मेघा सूची में कुल 494 अभ्यर्थियों का चयन किया गया लेकिन प्रथम लिस्ट द्वारा सिर्फ 153 अभ्यार्थियों को ही नियुक्ति पत्र मिली है। जबकि शेष 341 अभ्यर्थि 2 वर्षों से नियुक्ति के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। लेकिन अभीतक नियुक्तिपत्र नहीं दिया गया है। जिस वजह से सभी अभ्यार्थी धरना पर बैठे हैं. लगाया गया आरोप बेबुनियाद है। ऐसी कोई बात नहीं है। भर्ती को लेकर अभ्यार्थी धरना पर बैठे हैं। जैसा विभाग से आदेश आएगा उसके अनुसार किया जाएगा। फिलहाल कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान धरना या प्रदर्शन नहीं करना है। अगर ऐसा करते हैं तो यह गलत है।अभ्यार्थियों को लॉकडाउन का पालन करने की बात समझाया गया है।