दुष्कर्म के विरोध में शुक्रवार को आदिवासी समुदाय का गुस्सा फूट पड़ा, दो आरोपी गिरफ्तार, थाना प्रभारी निलंबित

झारखण्ड(न्यूज़ क्राइम24): पाकुड़ आदिवासी महिला के साथ बीते बुधवार की रात करीब 11 बजे बस स्टैंड के पास दुष्कर्म के विरोध में शुक्रवार को आदिवासी समुदाय का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में आदिवासी पुरुष व महिलाओं ने डीसी आवास के पास पाकुड़ हिरणपुर मुख्य सड़क को जाम कर दिया।

स्थानीय लोग घटना के काफी देर बाद पुलिस की ओर से कार्रवाई शुरू करने को लेकर लोग नाराज थे। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की आंदोलनकारियों को समझाने पहुंचे एसडीपीओ अजीत कुमार विमल को भी भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा।लेकिन उन्होंने काफी देर तक प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने और उनकी मांगों को तुरंत पूरा करने का आश्वासन देने के बाद जाम हटा। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चेतावनी दी है कि दो दिनों के अंदर मांगें पूरी नहीं हुईं तो पुन: सड़क जाम किया जाएगा।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोपी को कड़ी सजा देने, बस स्टैंड में पुलिस पिकेट की स्थापना करने, बस स्टैंड स्थित विश्राम गृह में स्थानीय कर्मियों को रखने और नगर थाना के थाना प्रभारी को निलंबित करने की मांग पर अड़े थे।आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता मार्क बास्की और मकलू मुर्मू ने कहा कि बस स्टैंड मनचलों का अड्डा बन गया है। यहां जुआ, शराब व रात में गलत काम होता है। मकलू ने कहा कि गिरफ्तार महमूद अली और संजय सिंह को कड़ी सजा मिले। दुष्कर्म मामले में नगर थाना पुलिस का रवैया ठीक नहीं रहा। पुलिस आरोपी को पकड़कर थाना ले गई, जबकि पीड़िता विश्राम गृह में ही पड़ी रही। पीड़ित की बेटी अगर सक्रिय नहीं होती तो पुलिस मामले को रफादफा कर देती। घटना के दूसरे दिन यानि गुरुवार की सुबह पीड़िता नगर थाना पहुंची, पर उसकी शिकायत पर अमल नहीं किया गया। आदिवासियों द्वारा दबाव बनाने के बाद पुलिस ने गुरुवार की देर शाम मामला दर्ज किया। इसके बाद पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया।

एसडीपीओ ने संभाला मोर्चा-

सड़क जाम की सूचना के बाद नव पदस्थापित एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने पहुंचकर मोर्चा संभाला। कुछ देर बाद सार्जेंट मेजर अवधेश कुमार भी पहुंचे। आंदोलनकारी ने एसडीपीओ से आग्रह किया कि प्रभारी थाना प्रभारी को यहां बुलाया जाए। उन्हें बर्खास्त किया जाए। आंदोलनकारियों की बातें सुनने के बाद एसडीपीओ ने कहा कि थाना प्रभारी देवानंद प्रसाद को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। एसडीपीओ ने निलंबन से संबंधित कागजात को दिखाया। एसडीपीओ ने कहा कि बस स्टैंड में तत्काल पुलिस को तैनात कर दिया गया है।

दोस्त के सहयोग से दिया घटना को अंजाम- एसपी

मुख्यालय के बस स्टैंड में एक आदिवासी महिला के साथ आश्रय गृह के केयर टेकर की तरफ से दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था। घटना में शामिल दो आरोपी को नगर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।इसकी जानकारी एसपी मणिलाल मंडल ने पत्रकार सम्मेलन कर दी।आदिवासी महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपी संजय सिंह और उसके दोस्त महमूद अली को पूछताछ के बाद शुक्रवार को जेल भेज दिया। एसपी मणिलाल मंडल ने बताया कि पीड़िता बंगाल के अलीपुरद्वार से पाकुड़ बस स्टैंड पहुंची थी। उसे गोड्डा जाना था। गोड्डा के लिए बस नहीं रहने के कारण महिला बस स्टैंड स्थित विश्राम गृह में रुक गई। वहां महिला को खाना भी खिलाया गया। इसके बाद विश्राम गृह में केयर टेकर का काम करने वाला संजय सिंह आया और पीड़िता का मुंह दबाकर दुष्कर्म किया। घटना के समय विश्राम गृह के बाहर महमूद मौजूद था,उसने भी संजय का सहयोग किया और दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।