डूबते सूर्य को अर्घ्य देने नदी तालाब- सरोवरों पर उमड़ा जन समुद्र

फूलवारीशरीफ(अजित यादव): कोरोना महामारी के बीच पहली बार सार्वजनिक स्थानों पर आस्था का सैलाब भगवान भाष्कर को अर्ध्य देने नदी तालाब पोखर सरोवरों पर उमड़ पड़ा । सरकार की अपील का इस बार काफी असर भी दिखाई दिया और अधिकांश घरों में लोगो ने छतों पर कृत्रिम घाट बनाकर भगवान भाष्कर कप अर्ध्य देकर सुख समृद्धि एवम कोरोना महामारी से मुक्ति की कामना की।। पुनपुन नदी पर गौरीचक से लेकर बकपुर महुआबाग सकरैचा तारणपुर चिंहूंट राजघाट नवादा भुसौला दानापुर खगौल लख सोन नहर घाट, अनीसाबाद मानिकचन्द तालाब जगदेव पथ बीएमपी तालाब प्रखंड फूलवारी शिव मंदिर घाट बहादुर पुर घाट गोनपुरा सूर्य मंदिर तालाब रामकृष्णन नगर रॉकी मुखिया का तालाब भोगीपुर ब्रह्मपुर तालाब मीठापुर कृषि फार्म तालाब संपत चक के इलाही बाग सहित आस पास के इलाके में आहार पोखरों पर भी श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई । वहीं अधिकांश इलाके में तालाबो पर व्रतियों के लिए पाइप से स्नान की व्यवस्था भी की गई थी। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए थे वही घाटों पर मास्क सैनिटाइजर की भी व्यवस्था की।गई थी। सकरैचा मुखिया संतोष कुमार सिंह अपने पंचायत के सभी घाटों पर घूम घूम कर व्यवस्था का जायजा लेते रहे बही भेलवाडा दरियापुर मुखिया नीतू कुमारी पति रॉकी कुमार एवम पूरे परिवार के साथ भोगीपुर तालाब में अर्ध्य देने पहुंची। यहाँ लाइव प्रसारण और ड्रोन कैमरे से निगरानी की व्यवस्था थी.

उधर राजघाट नवादा राजघाट में हजारों की संख्या में छठ व्रतियों द्वारा डूबते हुए भास्कर को अर्घ दिया गया।फूलवारी शिवमंदिर घाट पर पूर्व मंत्री श्याम रजक नगर परिषद चेयरमैन आफताब आलम के साथ कार्यक्रम का द्वीप जलाकर उद्घाटन किये. यहाँ विधायक गोपाल रविदास एवं स्थानीय मुखिया जय प्रकाश पासवान घाट पर उपस्थित रहे।साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारी पुनपुन उदय कुमार एवं थाना प्रभारी पीपरा सतेन्द्र कुमार पुलिस बल दल के साथ घाट पर उपस्थित रहे।नवयुवक संघ के सभी सक्रिय सदस्य घाट पर उपस्थित होकर छठ व्रतियों एवं जनताओं का सरकार द्वारा दिशा निर्देश को पालन करने प्रेरित किया गया. नवयुवक संघ के सक्रिय सदस्य में गजेंद्र कुमार, विकास कुमार, विजय राज,उमेश सिंह सहित अन्य सदस्यों का घाट पर कार्य हेतु सराहनीय कार्य रहा। पुनपुन बकपुर में पूर्व प्रमुख धनंजय कुमार उप मुखिया सकरैचा प्रकाश रंजन डटे रहे।