जिलाधिकारी ने भ्रमण कर देखी नालों में बहाव की स्थिति

  • पूरे शहर में जलजमाव की समस्या ना हो, इसको लेकर हैं गंभीर
  • बेदुआ में लगी चाभी मिली खराब, जल्द ठीक कराने के निर्देश

बलिया(संजय कुमार तिवारी): बरसात में कहीं जलजमाव की समस्या ना हो, इसको लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही का इस बात पर विशेष जोर है कि नालों का बहाव सही रहे। इसी के दृष्टिगत उन्होंने शनिवार को बेदुआ से लेकर शनिचरी मंदिर, दुर्गा मंदिर होकर जापलिंगंज, एससी कालेज व काजीपुरा क्रासिंग तक गए और नालों में बहाव की स्थिति देखी।

संयुक्त मजिस्ट्रेट विपिन कुमार जैन व ईओ दिनेश विश्वकर्मा के साथ सबसे पहले वह बेदुआ चाभी पर गए। वहां ईओ से पूरी जानकारी ली। मौके पर मौजूद सभासद विनोद राय ने बताया कि यहां चाभी ही खराब है। गंगा का पानी बढ़ने पर इसे बन्द करने के बाद भी बाढ़ का पानी शहर में जाता है। सबसे पहले इसे ठीक कराने की जरूरत है। जिलाधिकारी ने कहा कि जल्द ही इसे ठीक कराया जाएगा। हालांकि, इस क्षेत्र में नाले का बहाव पूरी तरह सही मिला।
निरीक्षण के दौरान यह भी चर्चा हुई कि पूरे शहर का पानी निकासी वाला यह प्रमुख नाला बेदुआ में पक्का और थोड़ी और चौड़ाई वाला होना चाहिए। इसके लिए जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी को जरूरी कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया।

चार-पांच दिन में चालू हो जाए अंडरपास वाला नाला

एससी कालेज पर सफाई कार्य का जायजा लेने के बाद काजीपुरा क्रासिंग के पास अंडर पास के नीचे बन रहे नाले को देखा। वहां के लेवल के बारे में पूछताछ की। इसमें किस तरह काजीपुरा व कसाब टोला दोनों साइड से भी पानी आएगा, इसकी जानकारी ईओ ने विस्तार से दी। नाले का निर्माण कार्य पूरा होने के बावत बताया कि सिर्फ मिट्टी निकालने का काम बचा है, जो चार से पांच दिन में पूरा हो जाएगा। डीएम ने जल्द कार्य पूरा करा कर इसे चालू कराने को कहा।

नाले पर पक्के अतिक्रमण पर भड़के, हटवाने के दिए निर्देश

जिलाधिकारी ने जापलिनगंज में निरीक्षण के दौरान देखा कि जिस नाले से पूरे शहर का पानी निकलता है, उस पर लोगों ने पक्का अतिक्रमण तक कर डाला है। इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आखिर इस तरह नाले की सफाई कैसे हो पाएगी। ईओ को निर्देश दिया कि नाले के ऊपर जहां भी अतिक्रमण है उसको हटाया जाए। अगर कोई आपत्ति करता है तो बताएं, उस पर मुकदमा कर जेल भेज दिया जाएगा। सवाल भी किया कि आखिर अब तक नगरपालिका ने इस पर कार्यवाही क्यों नहीं की।