जिलाधिकारी ने किया राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ

बलिया(संजय कुमार तिवारी): जनपद में राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ जिलाधिकारी हरी प्रताप शाही ने सोमवार को विकास भवन प्रांगण में किया । इस दौरान उन्होने पोषाहार से बने व्यन्जनों के स्टाल का अवलोकन किया तथा पोषण माह को सफल बनाने के निर्देश भी दिए । जिलाधिकारी ने हरी झण्डी दिखाकार विकास भवन से पोषण रैली को सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करते हए रवाना किया. इस अवसर पर कार्यवाहक जिला कार्यक्रम अधिकारी पीयूष चंद्र ने बताया कि राज्य पोषण मिशन के महानिदेशक द्वारा पोषण माह पर आयोजित होने वाली गतिविधियों के बारे में जरूरी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस माह में मुख्य दो गतिविधियों – अति कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन व अनुश्रवण तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों, विद्यालयों, शासकीय परिसरों एवं समुदाय में वृक्षारोपण का अभियान चलाकर पोषण वाटिका (किचन गार्डन) बनाने और इस बारे में प्रोत्साहित किया जाये। पत्र में कहा गया है कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में बीमारी और मृत्यु दर का एक प्रमुख कारण कुपोषण है। अति कुपोषित बच्चों की शीघ्र पहचान कर उनका संदर्भन कुपोषण से होने वाले खतरे को कम करता है. किचन गार्डन में ऐसे पौधों को लगाने के लिए समुदाय को प्रोत्साहित किया जाए जो कि पौष्टिकता से भरपूर हों। फल एवं सब्जियां सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्वपूर्ण स्त्रोत हैं और अच्छे स्वास्थ्य के लिए इन्हें अपने आहार में नियमित रूप से शामिल करना चाहिए। उदाहरण के लिए नियमित आयरन युक्त आहार के सेवन से एनीमिया के स्तर में कमी आती है। हरी साग सब्जियों, सहजन, गिलोय, खट्टे फलों, अदरक, हल्दी आदि के सेवन से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। इसलिए हमें ऐसे पौधों के रोपने को प्रोत्साहन देना है। यह माह साग- सब्जियों और फलों के पौधों को रोपने का सही समय है। इसलिए “पोषण के लिए पौध अभियान”, किचन गार्डन को विकसित करने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इसके अलावा छह माह तक सिर्फ स्तनपान, जन्म के प्रथम 1000 दिन और कुपोषण के स्तर में कमी लाना मुख्य उद्देश्य है.

कोविड-19 के कारण पोषण माह डिजिटल तरीके से मनाया जायेगा। इस क्रम में शिक्षा विभाग के माध्यम से पोषण विषय पर ऑनलाइन प्रतियोगिता आयोजित कर जन्म के प्रथम 1000 दिन का महत्व, पोषण युक्त खाना, एनीमिया, डायरिया एवं सफाई के विषय पर बल दिया जाएगा। इसके साथ ही पोषण माह के दौरान डिजिटल पोषण पंचायत आयोजित कर स्थानीय स्तर पर पोषण सम्बन्धी समस्याओं की पहचान कर उनका प्रबंधन एवं समाधान किया जा सके. इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी शशिमौली मिश्रा, बाल विकास परियोजना अधिकारी अमरनाथ चौरसिया, मीनाक्षी आर्या, पूनम सिंह व शहर परियोजना की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।