जिन डॉल्फिन को देखने दूरदराज टूर पर जाते हैं लोग, बलिया में है उनका बड़ा कुनबा

बलिया(संजय कुमार तिवारी): जिन डाल्फिनों को देखने लाखों पर्यटक उड़ीसा की चिल्का झील में जाते हैं और एक डाल्फिन को देखने के लिए घंटों इंतजार करते हैं, उन्हीं डाल्फिनों का बड़ा कुनबा जिले में बह रही गंगा नदी में है। शनिवार की सुबह जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने गंगा में भ्रमण किया और करीब सौ से अधिक डॉल्फिन देखी। पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक, जिले में प्रवाहित गंगा नदी के जल एवं जलजीवों का भौतिक सत्यापन करने के लिए दोनों अधिकारी शनिवार की सुबह तमसा नदी के तट सागरपाली पर पहुँचे। वहां से एनडीआरएफ की बोट पर सवार हुए और गंगा-तमसा के संगम पर गंगा मे गुलाटी मारती सूंसों डाल्फिन के झुण्डों के बीच पहुँच गए। जिलाधिकारी ने बताया कि भौगोलिक जानकारों के अनुसार, गंगा नदी के जल की अविरलता-निर्मलता के लिए नदी में डॉल्फिन का पाया जाना बहुत सुखद है।
भ्रमण के दौरान देखा गया कि सागरपाली से लेकर बड़काखेत तक की गंगा घाटी में इन डाल्फिनों के वयस्क, बच्चे सभी बड़े आनंद से विचरण करते मिले।

जिलाधिकारी ने बताया कि गंगा नदी में जल पर्यटन की भी अपार संभावना है। जो पर्यटक इन डॉल्फिनों के पानी पर उछलने का आनंद उठाने के शौकीन हैं, उन्हें गंगा नदी के ये अनछुए तट आकर्षित करेंगे। लोग दूरदराज के अन्य प्रांतों में इन्हीं डॉल्फिन को देखने के लिए धन खर्च करते हैं और काफी देर इंतजार करते हैं। डॉल्फिन मछली का बड़ी संख्या में गंगा में होना काफी सुखद है। इससे बलिया में पर्यटन की संभावनाओं को भी बल मिलेगा। इस जलयात्रा के दौरान रोमांचक जीवन और मछलियों मारने का आनंद लेने आये इंदारा मऊ के बुनकरों की टोलियां भी मिलीं।