छोटे परिवार की अलख जगाएं, समाज में खुशहाली लाएं

बलिया(संजय कुमार तिवारी): परिवार के साथ ही समाज और देश की खुशहाली के लिए जरूरी हो गया है कि हर कोई छोटे परिवार के बड़े फायदे के बारे में गंभीरता से विचार करे । उक्त बातें मुख्य चिकित्सा अधिकारी कैंप कार्यालय में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जितेंद्र पाल ने विश्व गर्भनिरोधक दिवस पर आयोजित गोष्ठी में कहीं । उन्होंने कहा कि बच्चे का जन्म तभी हो जब माता-पिता उसके लिए पूरी तरह से तैयार हों.

अपर मुख्य चिकिसा अधिकारी/परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि पहले और दूसरे बच्चे के जन्म के बीच में कम से कम तीन साल का अंतर रखना चाहिए । इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सकता है । उन्होंने बताया कि कोविड-19 के समय में गर्भ निरोधक गोली छाया, प्रसव के तुरंत बाद लगने वाली पीपीआईयूसीडी और कंडोम की डिमांड ज्यादा रही । इसमें फ्रंट लाइन वर्कर (आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं एएनएम) की भूमिका सराहनीय रही । कोविड के चलते अस्पतालों में नसबंदी की सेवा नहीं दी जा सकती थी तो लोगों ने अस्थायी साधनों के प्रति दिलचस्पी दिखाई । अन्तरा इंजेक्शन अपनाने वाली महिलाओं की मदद के लिए अंतरा केयर हेल्पलाइन (1800-103-3044) पर तैनात काउंसलर जब फोन करती हैं तो लाभार्थी बेहिचक अपनी सारी समस्याओं पर बात करती हैं । इससे उनमें एक विश्वास जगा है। अंतरा केयर लाइन सातों दिन सुबह आठ बजे से रात नौ बजे तक चलती है । व्यवहार परिवर्तन जरूरी परिवार नियोजन को लेकर लोगों के व्यवहार परिवर्तन की बात कही. डॉ कुमार ने कहा कि गर्भ निरोधक साधनों की मौजूदगी के बाद भी अनचाहे गर्भधारण की स्थिति विभाग की मंशा अनुरूप ठीक नहीं है जिसको और बेहतर बनाने के लिए जन जागरूकता के माध्यम से व्यवहार बदलना जरुरी है ।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरिनंदन प्रसाद, डॉ आनंद कुमार, डॉक्टर सिद्धार्थ मणि दुबे, परिवार नियोजन परिवार नियोजन कार्यक्रम के लॉजिस्टिक मैनेजर उपेंद्र चौहान आदि उपस्थित रहे।