गैंगरेप और हत्या के मामले में तीनों अभियुक्तों को फांसी की सजा!

दुमका: 6 साल की मासूम बच्ची की गैंगरेप कर हत्या कर शव को छिपाने के मामले में अभियुक्त मीठू राय, पंकज मोहली और अशोक राय को पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश तौफीकुल हसन की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों को भादवि की धारा 366 में 10 साल सश्रम कारावास और 15 हजार जुर्माना नहीं देने पर 2 साल का कारावास। 376 डी बी में भी सजाए मौत, 50-50 हजार जुर्माना नहीं तो 5 साल की सजा। 302 में फांसी के फंदे पर तबतक लटकाया जाए जबतक दम नहीं निकल जाए। 50-50 हजार जुर्माना। नन्ही फरिश्ता के साक्ष्य छुपाने के अपराध में सात-सात साल की सजा 201/34 में। पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत तीनों को आजीवन कारावास की सजा मृत्यु होने तक। 25-25 हजार जुर्माना.

फैसला सुनाने से पहले जज मोहम्मद तौफीकुल हसन ने बच्ची के परिवार बालो को बुलाया और पूछा ये तीनो आपके बच्चे का दोषी है इन्हों ने ही रेप और हत्या किया है क्या सजा देना चाहते …. परिवार के सभी लोगों ने एक साथ फांसी कहा बच्ची की मां रोने लगी बोली बहुत खराब से हमरो बेटी के साथ करलको बड़ी खराब मारलको एकरा फांसी दे दे।