गितवास के दुलरदाई नदी में मिला महिला का शव!

अररिया(सुभाष कुमार): रानीगंज थाना क्षेत्र के खरहट पंचायत अंतर्गत  दुलारदेयी नदी में बुधवार को एक महिला का शव ग्रामीणों ने देखा. नदी के बहते पानी में फंसे अज्ञात शव की सूचना पर क्षेत्र में सनसनी फैल गया. देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ उमड़ आयी. वहीं सूचना पर रानीगंज प्रभारी थानाध्यक्ष वृंद कुमार व एसआई सहबीर सिंह,सुमन कुमार,भोला राम सहित पुलिस बल  मौके पर पहुंचे. प्रभारी थानाध्यक्ष ने स्थानीय लोगों के सहयोग से शव नदी से बाहर निकलवाया. शव के गले में निशान के साथ ही जीभ बाहर निकला हुआ पाया गया. काफी समय से पानी में रहने के कारण शव से दुर्गंध भी निकल रहा था. मौके पर शव की पहचान सुनिश्चित नहीं होने के कारण उधेड़बुन की स्थिति बनी रही. बाद में ग्रामीणों से पुछताछ व पंचनामा तैयार करने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया. इस बीच नदी में महिला का शव मिलने की सूचना तेजी से आसपास के विभिन्न पंचायतों में फैलने लगा. पोस्टमार्टम करवाने के बाद  शव को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया हो रही थी. तब तक मृतका के परिजन सदर अस्पताल पहुंच कर घटना की समुचित जानकारी थानाध्यक्ष को दिया. परिजन के सामने आने के बाद शव की पहचान सुनिश्चित कर ली गयी. देर संध्या परिजन शव अपने साथ गांव लेकर आ गये. शव की पहचान हांसा पंचायत के गोस्वामी टोला निवासी पुण्यानंद गोस्वामी की 27 वर्षीय विवाहित पुत्री सुलोचना देवी के रूप में की गयी.

जानकारी अनुसार सुलोचना का भाई ने बताया कि 15 मार्च की मध्य रात्रि से ही अपने मायके से गायब थी।मगर वह ससुराल नहीं पहुचने की खबर से परिजन सुलोचना की तलाश मेें लगे हुए थे. इस बीच संदिग्ध हालत में सुलोचना का शव नदी में मिला. मृतका के भाई परशुराम गोस्वामी ने कहा कि 2007 में सुलोचना का विवाह सहरसा जिला के सोनवर्षा थाना क्षेत्र अंतर्गत नवटोलिया गांव निवासी संतोष मिश्रा के साथ हुई थी. इस बीच सुलोचना को दो पुत्र व एक पुत्री सहित तीन बच्चे हैं. हाल के कुछ वर्षों से सुलोचना काफी बीमार रहने लगी. बीमारी के कारण शारिरीक तौर पर वे काफी दुर्बल हो गयी थी. कई जगह चिकित्सक से इलाज करवाने के बाद थकहार कर परिजन सुलोचना को 15 मार्च को दिन में बहादुरगंज स्थित एक मौलाना के पास सुलोचना को लेकर गये थे. कथित तांत्रिक के रूप में मौलाना ने सुलोचना को ठीक कर देने का भरोसा जताया. शाम तक बहादुरगंज से सुलोचना को परिजन वापस घर लेकर आ गये. 15 तारिख को ही मध्य रात्रि सुलोचना चुपके से बिछावन पर तकिया रख कर घर से भाग गयी. अहले सुबह सुलोचना के गायब होने की सूचना परिजन को मिला. तब से चुपके-चुपके परिजन सुलोचना की खोजबीन कर रहे थे. इस दौरान सुलोचना की तलाश करते-करते परिजन संबंधित मौलाना के पास भी गये, तो मौलाना ने जल्द ही घर वापस लौटने आश्वासन दिया. अंतत: बुधवार को नदी में सुलोचना का शव पाया गया. मृतका के दोनो पुत्र आदित्य व गाैतम अपने पिता के साथ रहते हैं. जबकि पुत्री प्रिया अपने ननिहाल में ही रहती है. इस घटना से परिजनों के बीच मातम का माहौल हो गया है. सुलोचना की मौत की गुत्थी परिजनों के लिए भी अबुझ बनी हुई है.शव को देखने से प्रतीत होता है कि उनको गला दबाकर किसी ने उनकी हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया है।जिस जगह नदी के किनारे लोगों ने शव को देखा है।नदी किनारे उस जगह गितवास वाड08निवासी उमेश गुप्ता का मक्का लगा खेत है।उन्होंने बताया कि मंगलवार को अपने खेत मे दवाई का छिड़काव कराया था।लेकिब वहाँ कोई शव नहीं था।लोगों ने आज दोपहर से शव को देखा।वही प्रभारी थानाध्यक्ष वृंद कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम होने के बात शव का शिनाख्त हो गया है।मृतका के पिता हाँसा निवासी पुण्यानंद गोस्वामी को शव सौप दिया गया है।