गरीबों को लघु ऋण देने वाला उत्कर्ष फाइनेंस वसूल रहा है लॉक डाउन अवधि का ब्याज!

नवादा(अवध भारती): वारिसलीगंज-गांव देहात समेत वारिसलीगंज शहरी क्षेत्र के गरीबो व छोटे छोटे चाय पान व खोमचे की दुकान चला जीविका चलाने वालो को लघु ऋण देने वाला उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक अपने ग्राहकों से सरकार द्वारा मनाही के बाबजूद लॉक डाउन अबधि का अतिरिक्त ब्याज की वसूली कर रहा है. जिससे गरीबो को अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस प्रकार की शिकायत प्रखंड में संचालित अधिकांश लघु ऋण दाता बैंको की है.

जानकारी हो कि वारिसलीगंज नगर में करीब आधा दर्जन निजी स्मॉल फाइनेंस बैंक कार्यरत है जिसके प्रतिनिधि गांव देहातो समेत नगर क्षेत्र के मुहल्लों में जा जा महिलाओं का समूह बनाकर 15 हज़ार से लेकर एक लाख तक ऋण देती है. उक्त बैंक द्वारा ऋण लेते समय बीमा की राशि काटकर ऋण की राशि में ब्याज जोड़कर क़िस्त बना दिया जाता है. जिसके तहत कोई 15 दिनों पर तो कुछ एक माह पर मीटिंग आयोजित कर ऋण धारक महिलाओं से क़िस्त की राशि वसूली जाती है. लेकिन राज्य में पिछले मार्च माह से लॉक डाउन लगा रहा. ऋण धारकों का छोटा मोटा रोजगार लगभग बंद रहा। इस अबधि में सरकार द्वारा किसी भी प्रकार के ऋण वसूली पर रोक लगा दिया गया। साथ ही कहा गया कि लॉक डाउन अबधि का कोई अतिरिक्त ब्याज वसूली नहीं किया जाएगा. जबकि अनलॉक प्रथम के बाद इस प्रकार के फाइनेंस कंपनियो के प्रतिनिधि सक्रीय होकर ऋण वसूली करने लगे.

अब लॉक डाउन अबधि में ऋण का क़िस्त अदा नहीं करने वाले गरीबो पर दबाब बनाकर लॉक डाउन अबधि में बकाया क़िस्त की राशि को अतिरिक्त ब्याज जोड़कर वसूली शुरू किया गया है. नगर के माफी गली के ऋण धारक गयात्री कुमारी, खैरुन निशा आदि ने बताई की मेरे द्वारा उत्कर्ष फाइनेंस बैंक वारिसलीगंज से लिया गया ऋण को पहले ही ब्याज जोड़कर क़िस्त बना दिया गया है. जबकि अनलॉक होने के बाद जब कुछ रोजगार चलने लगा तब हमलोग क़िस्त की राशि का नियमित भुगतान शुरू कर दिया हूँ बाबजूद बैंक लॉक डाउन अबधि का अतिरिक्त ब्याज की वसूली कर गरीबो पर आर्थिक बोझ डाल रहे हैं. इस प्रकार की शिकायत अन्य लघु ऋण प्रदाता बैंकों से भी मिल रही है. इस बाबत उत्कर्ष फाइनेंस के शाखा प्रबंधक यशवंत यादव ने कहा कि 31 अगस्त तक मेरेटोरियम अबधि था। उसके बाद बकाया राशि की भुगतान पर अतिरिक्त ब्याज वसूली का आदेश रिजर्व बैंक ने जारी किया है। जिसके तहत ऋण स्थगन अबधि का अतिरिक्त ब्याज वसूली की जा रही है।