कोरोना पॉजिटिव की वीडियो न बनायें बल्कि मनोबल बढ़ाएं!

बलिया(संजय कुमार तिवारी): जब भी कभी आपके आसपास के किसी व्यक्ति या पड़ोसी को कोरेनटाइन या आइसोलेशन के लिए ले जाया जा रहा हो तो उसकी वीडियोग्राफी करके उसे आपराधिक बोध जैसा अनुभव कराने का प्रयास न करें। बल्कि अपने घर के दरवाजे से, बालकनी से या छत से आवाज लगाकर, हाथ उठाकर, हाथ हिलाकर उनका उत्साह बढ़ाएं। उससे कहें कि आप जल्द ही ठीक होकर हमारे बीच में फिर से पहले जैसी जिंदगी शुरू करेंगे। उनके जल्द ठीक होकर घर वापसी के लिए शुभकामनाएं दें। यह कहना है जिले के नोडल अधिकारी/संयुक्त निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आजमगढ़ मंडल डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा का।
डॉ प्रमोद कुमार मिश्रा का कहना है कि कहीं यदि कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो उसके एवं उसके परिवार के साथ पास पड़ोस के लोगों द्वारा भेदभाव करना ठीक नहीं है। लोगों को चाहिए कि कोरोना पॉजिटिव व उसके परिवार का मनोबल तोड़ें नहीं बल्कि उसका मनोबल बढ़ाएं. उन्होंने जनपदवासियों से अपील की है कि यदि कहीं कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिलता है तो उसके साथ उसके सभी परिवारीजनों का भी टेस्ट कराकर क्वारंटीन की सलाह दी जाती है। पास पड़ोस व मिलने जुलने वालों का भी टेस्ट कराया जाता है। लोग इससे घबराएँ नहीं, बल्कि डट कर मुकाबला करें। अपील में उन्होंने यह भी कहा है कि कोरोना वार्ड में जाने वाले या कोरोना पॉजिटिव हो जाने वाले स्वास्थ्यकर्मी के साथ सामाजिक स्तर पर भेदभाव नहीं होना चाहिए. वहीं कोरोना विजेता बन कर निकले राजेंद्र नगर निवासी ने बताया कि थोड़ी बहुत दिक्कतें हुईं फिर धीरे-धीरे लोगों ने स्वीकार करना शुरू कर दिया। अब मेरी बताई गई बातों को लोग बड़ी गंभीरता से सुनते हैं.

क्या करें-

• कोरोना पॉज़िटिव की इज़्ज़त करें
• कोरोना पॉज़िटिव के लिए प्रार्थना करें
• उन्हें अच्छा पड़ोसी व मित्र होने का एहसास कराएं
• Get Well Soon कहें। इससे उसका मनोबल बढ़ेगा
• हर एक घंटे पर साबुन पानी से 40 सेकेंड तक हाथ धुलें
• बहुत जरूरी हो तभी बाहर निकलें, यदि बाहर जाना हो तो मॉस्क या गमछा लगाना कत्तई न भूलें
• सर्दी खांसी, बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो तो तत्काल सरकारी अस्पताल पर ही जांच कराएं।