कोरोना के खतरे को देखते हुए अररिया जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में बरती जा रही है सतर्कता

अररिया(रंजीत ठाकुर): देशभर में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए अररिया जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में खास सतर्कता बरती जा रही है। नेपाल से सटे जोगबनी में पिछले 29 फरवरी से शिविर लगाकर आने-जाने वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है,परंतु अच्छी खबर यह है कि कोरोना से पीड़ित एक भी मरीज अबतक सामने नहीं आया है।जोगबनी बॉर्डर पर अबतक लगभग 2000 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है. इस संबंध में पूछे जाने पर प्रभारी डॉ राजीव बसाक ने बताया कि कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर काफी सतर्कता बरती जा रही है और इसको लेकर जोगबनी कस्टम कार्यालय के नो एंट्री गेट के अंदर, मील चौक जोगबनी एवं बथनाहा में एक-एक शिविर होने की बात कही. उन्होंने बताया कि सिर्फ जोगबनी भारत-नेपाल सीमा पर ही लेजर लाइट से स्क्रीनिंग करने की व्यवस्था है,जबकि शेष स्थानों पर केवल थर्मामीटर के सहारे ही जांच की जा रही है। वहीं उन्होंने बताया कि मील चौक पर मील के स्टाफ के द्वारा ही इसकी देखरेख की जा रही है। जबकि कस्टम कार्यालय के नो एंट्री गेट गेट पर भी कस्टम कार्यालय के कर्मियों द्वारा ही इसकी देखरेख की जा रही है। यहां यह बताते चलें कि इस होकर प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में वाहन भारत से नेपाल एवं नेपाल से भारत आते-जाते रहते हैं,ऐसे में यहां किसी स्वास्थ्य विभाग के कर्मी का न होना चिंता का विषय है. वहीं जब संवाददाता ने वस्तुस्थिति का जायजा लिया इस के क्रम में बथनाहा वीरपुर वीरपुर चौक स्थित टेंपो स्टैंड के पास बताए गए स्थान पर कोई भी शिविर दिखाई नहीं पड़ा। जबकि उन्होंने यहां भी दो एएनएम तैनात होने की बात कही थी। वहीं कोरोना को लेकर अब लोग भी सचेत नजर आ रहे हैं,क्योंकि जोगबनी भारत-नेपाल सीमा पर लोगों की आवाजाही भी पहले की अपेक्षा काफी कम हो गई है।