कवि रणविजय यादव को काव्यांगन सृजन सम्मान मिलने से क्षेत्र के लोग गौरवान्वित

अररिया(रंजीत ठाकुर): सहित्य साधक मंच (अखिल भारतीय साहित्यिक मंच), सहरसा द्वारा पिछले 18 अक्टूबर,2020 को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित कवि सम्मेलन में कवि रणविजय यादव ने “मेरा बचपन” शीर्षक कविता का पाठ किया,जिसे काफी सराहा गया। इस हेतु उन्हें साहित्य साधक मंच द्वारा काव्यांगन- सृजन-सम्मान दिया गया. वहीं उनकी तीन रचनाएँ क्रमशः ‘सरस्वती वंदना’, ‘मेरा बचपन’ एवं ‘प्रकृति की पुकार’ “काव्यांगन साझा काव्य” काव्य संकलन में प्रकाशित की गई है। इसमें कुल 24 कवियों की कविताओं को प्रकाशित किया गया है।
अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड के मानिकपुर वार्ड संख्या-11निवासी रणविजय यादव ‘कवि’ एक किसान परिवार से आते हैं।इन्होंने प्राचीन इतिहास से एमए किया है।60 वर्षीय ‘कवि’जी की पहली रचना “मातृभूमि” ‘युवा प्रयास’ नामक पत्रिका में प्रकाशित हुई थी।वहीं वर्ष 2008 में इंद्रधनुष साहित्य परिषद फारबिसगंज द्वारा ग्रामीण परिवेश में उभरते हुए कवि के रूप में भी इन्हें सम्मानित किया गया था.

जबकि पिछले महीने साहित्य साधक मंच,सहरसा एवं विलासा साहित्यिक संगीत धारा, छत्तीसगढ़ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित त्रिदिवसीय ऑनलाइन कवि सम्मेलन में “मातृशक्ति की सुरक्षा”पर दर्शकों ने जोरदार ताली बजाकर उनके रचना को सराहा. जबकि ‘कवि’ जी को सशस्त्र सीमा बल के 19 वीं,24 वीं एवं 56 वीं बटालियन द्वारा भी कविता पाठ के लिये तीन बार प्रशस्ति पत्र देते हुए सम्मानित किया जा चुका है. कवि रणविजय यादव को सम्मानित किए जाने से क्षेत्र के लोग गौरवान्वित हैं।