इलाज के अभाव में नवजात की हुई मौत, एसएनसीयू में ड्यूटी से गायब थे चिकित्सक!

जमुई(मो० अंजुम आलम): सदर अस्पताल के एसएनसीयू में फिर एक नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक पर डयूटी से गायब रहने का आरोप लगाया है। नवजात के पिता सह झाझा थाना के कलजुगा गांव निवासी गुरूदेव कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी शोभा देवी को एक निजी क्लिनीक में मंगलवार को सुरक्षित प्रसव हुआ था। प्रसव के उपरांत चिकित्सक ने नवजात को एसएनसीयू में भर्ती कराने की सलाह दी थी। दोपहर तकरीबन 2 बजे जब नवजात को भर्ती कराने लाया गया तो एसएनसीयू में चिकित्सक मौजूद नहीं थे। किसी तरह नवजात को भर्ती कराया गया लेकिन चिकित्सक को फोन करने के बावजूद दिनभर ड्यूटी से गायब रहे। नतीजतन रात 9:30 बजे नवजात ने दम तोड़ दिया। उसके बाद स्वजन गोद मे नवजात को लेकर तकरीबन ढाई घंटे तक अस्पताल में भटकते रहे। लेकिन उसे ले जाने के लिए एम्बुलेंस भी समय पर नहीं मिल पाया। उसके बाद तकरीबन 11:30 बजे रात में एम्बुलेंस से नवजात को भेजा जा सका।

निजी क्लिनिक में व्यस्त रहते हैं एसएनसीयू के चिकित्सक-

एसएनसीयू में कार्यरत चिकित्सक अमूमन ड्यूटी से गायब रहकर निजी क्लिनिक में व्यस्त रहते हैं। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा फोन करने पर या तो फोन उठाते नहीं हैं या ड्यूटी पर आने से साफ इंकार कर देते हैं। नतीजतन दबाव में आकर ड्यूटी पर तैनात नर्स तो नवजात को भर्ती ले लेती है लेकिन इलाज के अभाव में या तो नवजात की मौत हो जाती है या फिर रेफर कर दिया जाता है। बता दें कि अधिकांश दिन ऐसी ही बुरी स्थिति से एसएनसीयू को गुजरना पड़ता है। जिले का एक मात्र एसएनसीयू होने के बावजूद यहां चिकित्सक नदारत रहते हैं.

जान बूझकर भी पदाधिकारी बने रहते हैं आज़न-

इसकी जानकारी अस्पताल प्रबंधक, उपाधीक्षक और सिविल सर्जन को होने के बावजूद नजर अंदाज कर देते हैं। एसएनसीयू के चिकित्सक की लापरवाही और डॉक्टर के ड्यूटी से गायब होने की कई बार शिकायत की गई लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। चिकित्सक की लापरवाही और ड्यूटी से गायब रहने की शिकायत सिर्फ स्वजनों द्वारा ही नहीं बल्कि एसएनसीयू में कार्यरत जीएनएम द्वारा एक माह पूर्व लिखित आवेदन देकर डीएस से की गई थी और सिविल सर्जन के निरीक्षण के दौरान जीएनएम द्वारा सिविल सर्जन से शिकायत भी की गई थी लेकिन पदाधिकारियों की लापरवाही इस कदर चरम पर पहुंच चुकी है कि चिकित्सक पर शिकायत का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। नतीजतन दिन प्रतिदिन चिकित्सक की लापरवाही बढ़ती ही जा रही है.

डेढ़ माह में डेढ़ दर्जन नवजात की हो चुकी है मौत-

बता दें कि सितंबर माह से लेकर अबतक एसएनसीयू में तकरीबन डेढ़ दर्जन नवजात की मौत हो चुकी है। इस दौरान अधिकांश मौत का कारण चिकित्सक की लापरवाही या चिकित्सक की गैर मौजूदगी बनी है.

कोट नवजात के मौत की जानकारी हुई है। एसएनसीयू के चिकित्सक को नर्स के द्वारा फोन किया गया था लेकिन चिकित्सक ने 24 घंटे ड्यूटी करने से इनकार कर दिया। चिकित्सक के अभाव की वजह से परेशानी हो रही है। जल्द ही एसएनसीयू में चिकित्सक के बहाली की प्रक्रिया की जा रही है।