इंदौरा भाजपा मंडल के अध्य्क्ष की देख-रेख में बनी कुहल 15 दिन में गिर कर हुई धाराशाही!

कांगड़ा(गगन ललगोत्रा): स्थानीय जनता ने कुहल निर्माण में  घटिया मटीरियल प्रयोग करने के लगाए ठेकेदार पर आरोप उपमंडल इंदौरा के अधीन पड़ती घोड़न पंचायत के गाँव मलोट में हिमाचल प्रदेश स्वाईल कम्पनी द्वारा किसान विकास संघ मलोट के माध्यम से एक कूहल निर्माण किया जा रहा है। जिस किसान विकास संघ द्वारा इस कुहल का निर्माण किया जा रहा है उस किसान विकास संघ मलोट के अध्यक्ष बलबान सिंह है जो कि भाजपा मंडल इन्दौरा के मोजूदा मंडल अध्य्क्ष हैं ओर  उनकी देखरेख में ही इस कूहल का निर्माण हो रहा है लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस कमेटी की देखरेख में ही घटिया मैटेरियल के प्रयोग के कारण यह कूहल मात्र 15 दिन में ही टूट कर धराशाही हो गई  और कुहल का लगभग 75 मीटर का हिस्सा टूट कर कुहल में ही गिर गया है ।  स्थानीय लोगो ने संघ के अध्य्क्ष पर रोष जाहिर करते हुए कहा  कि अगर मोजूदा सरकार और इंदौरा भाजपा मंडल के अध्य्क्ष की देखरेख में यह सब कार्य हो रहा है तो इस कार्य निर्माण में गुणबत्ता सहित अच्छी सामग्री का प्रयोग क्यो नही किया गया । स्थानीय जनता ने मोजूदा ठेकेदार ओर भाजपा  मण्डल इंदौरा के अध्य्क्ष पर आरोपी लगाते हुए कहा के यह जो कुहल बनाई गई है इसमे छोंछ खड्ड की रेत ओर बजरी को प्रयोग किया गया है जोकी नियमो के अनुसार गलत है और इस निर्माण में  सरिए का भी  प्रयोग  नहीँ किया गया जिसके कारण यह कूहल टूट कर गिर गयी।।  स्थानीय जनता ने कहा के क्या आज तक संबंधिक्त  बिभाग के इस घटिया तरीक़े से हो रहे निर्माण की ओर आकर ही नही देखा । जोकी ठेकेदार ओर संबंधिक्त बिभाग की एक कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है के मोजूदा सरकार के प्रमुख ओहदेदार ही अपने आर्थिक लाभ के चलते कुछ भी करने को तैयार है और आम जनता के पैसों को दुरप्रयोग हो रहा है. इस विषय में भाजपा मंडल अध्य्क्ष इन्दौरा व किसान विकास संघ अध्य्क्ष मलोट बलबान सिंह से बात हुई तो उन्होंने कहा कि बरसात होने के कारण यह कूहल टूट गयी है अतः इसमें सरिया का कोई प्रयोग नहीँ करना था इसके निर्देश हमें नहीँ हैं और जो कूहल टूटी है उसे मुरम्मत कर दिया जाएगा. इस विषय पर स्वाईल अधिकारी शशि से बात हुई तो उन्होंने कहा कि किसान विकास संघ मलोट के अध्य्क्ष की देख रेख में यह काम हो रहा है अगर ऐसा हुआ है तो उसकी दोवारा मुरम्मत करवाई जायेगी औऱ तब तक इस काम को हम पास नहीँ करेंगे।