आजादी के बाद भी अभी तक नहीं बनी है सड़क, लोग करेंगे वोट का बहिष्कार!

अररिया(रंजीत ठाकुर): एक तरफ देश के प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री सबका साथ-सबका विकास की बातें करते नहीं थक रहे हैं और दूसरी तरफ आजादी के इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी ग्रामीण इलाके के लोग अपनी मूल भूत समस्याओं जैसे पानी , सड़क इत्यादि से नहीं उबर पाये है। जिम्मेदारों को इन समस्यों से कोई लेना देना नहीं रहा,ऐसा ही एक मामला नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के फरही पंचायत के वार्ड संख्या 05 के कुंडिलपुर गांव में है। जहां यादव बस्ती, मुस्लिम बस्ती व ऋषिदेव बस्ती में लगभग 06 से 08 हजार आबादी हैं। यहां पर ग्रामीणों को बरसात के 6 महीने बाद तक आवागमन के लिये जलयुक्त एवं गड्ढेनुमा सड़क से अनेक मुश्किलों से पार करना पड़ता है। जिस वजह से स्थनीय ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उल्लेखनीय होगा की उक्त समस्या से स्थनीय ग्रामीण वर्षों से परेशान होते चले आ रहे है, यहां तक कि स्थानीय बच्चे भी सड़क पर पानी के वजह से कई महीनों स्कूल जाने से वंचित रह जाते हैं. ग्रामीणों का कहना है की सड़क निर्माण के लिए ग्रामीणों द्वारा क्षेत्रीय सांसद व विधायक स्थानीय जनप्रतिनिधि व प्रशानिक अधिकरियों से अनेकों बार मांग की जा चुकी है किंतु जिम्मेदारों ने आज तक उनकी इस बहुप्रतीक्षित मांग को नजरअंदाज ही किया है और जनसमस्यों को दरकिनार कर गहरी नींद में सोये हुये नजर आ रहे है। इसी बात को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों में कई दिनों से बैठक किया जा रहा है, जिसमें संपूर्ण ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि जब तक हमारी मांगे पूरी ना हो तब तक हमारे पंचायत से एक भी मतदान नहीं होगा। ग्रामीणों में गुलाब चंद यादव का कहना है की इसे कोई जनप्रतिनिधि हल्के में ना लें। यदि जल्द ही हमारी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो सभी ग्रामीणों आने वाले विधानसभा चुनाव में वोट का बहिष्कार करेंगे। सड़क का निर्माण नही किया जाता है तो आगामी विधानसभा चुनाव में सभी ग्रामवासियों के द्वारा मतदान का पूर्णरूपेण बहिष्कार किया जाएगा। अपनी जायज मांगों को पूरा करवाने के उद्देश्य से वोटिंग के दिन बूथ-बूथ पर जाकर निकम्मी जनप्रतिनिधि के खिलाफ जमकर विरोध किया जाएगा.

इस मौके पर ग्रामीण गुलाबचंद्र यादव, देवदत्त यादव, बद्री यादव, रूपेश राज, सुमन, मो० कासिम, मो० इसराइल, मो० झाड़ी, डोमी ऋषि देव, शिव शंकर ऋषिदेव, रामानंद ऋषिदेव, मिठन, देवा, राजकिशोर, सूर्यानंद यादव, बलदेव यादव, बेगम प्रवीन, उर्मिला देवी, सुधा देवी इत्यादि सैकड़ों आक्रोशित ग्रामीण उपस्थित थे।