अनलॉक के बाद पटरी पर लौटने लगी टोकरी बनाने वालों की जिन्दगी, फिर भी गुजारा आसान नही..!

तलवाड़ा(प्रवीण सोहल): मार्च में कोरोना महामारी के संकट के कारण लगे राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन के कारण अपना काम धंधा बंद होने से परेशान हुए टोकरी बनाने वाले लोग अब अनलॉक के बाद अपना काम धंधा फिर से शुरू होने से खुश है |तलवाड़ा ब्लाक के गाँव कराड़ी के लोग जिनका पुश्तेनी कार्य टोकरी बनाकर अपना जीवन चलाना है ने अब फिर से अपना टोकरी बनाने का धंधा शुरू कर दिया है |ने बताया कि पहले हम तूत की लकड़ी की टोकरी बनाकर बेचते थे जो अक्सर भारी तथा महंगी पड़ती थी पर फिर उस के वाद हम ने बांस की टोकरी बनानी शुरू की जो सस्ती पड़ती है. इन लोगों ने कहा कि लॉक डाउन के दौरान हम रोटी से भी मोहताज हो गए थे पर अब हमारी जिन्दगी फिर से पटरी पर आ रही है. टोकरी बनाने वाले सोनू, मागनु, लाडी ने बताया कि लॉक डाउन से पहले हम विवाह शादी में बैंड बाजा बजाने को तरजीह देते थे इस धंधे में अच्छा लाभ मिल जाता है पर कोरोना के कारण विवाह शादी सादा होने के कारण अब हमें अपने पुराने टोकरी बनाने के धंधे पर लौटना पड़ा है. इन लोगों की सरकार से मांग है कि हमें भी कुछ मदद करनी चाहिए. इन लोगों ने बताया कि अब हमें एक समस्या आन पड़ी है कि टोकरी बनाने के लिए बांस भी आसानी से उपलब्ध नही हो रहे. हमारा बना माल कुछ लोकल तथा उस के अलाबा मुकेरिया, गुरदासपुर, पठानकोट के व्यपारी ले जाते है. इतनी मेहनत के वाव्यूद हमारी कमाई सामान्य है गुजारा अब मुश्कल हो गया है।